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मुख्यमंत्री के निर्देश पर चंडीगढ़ में ईंधन संरक्षण के लिए बड़ा कदम

चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के तहत प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने ईंधन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए सुरक्षा पायलट गाड़ियों को हटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, 17 लग्जरी गाड़ियों को वापस लिया गया है, जिससे लाखों रुपये की बचत होगी। मंत्री ने अधिकारियों को वर्चुअल मीटिंग्स और कार पूलिंग अपनाने के निर्देश दिए हैं। यह कदम प्रधानमंत्री मोदी के ईंधन संरक्षण के आह्वान के अनुरूप है।
 

मुख्यमंत्री के निर्देशों से प्रशासन में बदलाव

चंडीगढ़, 16 मई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ईंधन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के निर्देशों के बाद, प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद लोक निर्माण (PWD) और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) विभाग में ठोस कदम उठाए हैं। मंत्री ने अपने काफिले से सुरक्षा पायलट गाड़ी को तुरंत हटाने का आदेश दिया है। अब कैबिनेट मंत्री बिना पायलट गाड़ी के सामान्य रूप से यात्रा करेंगे, जिससे सरकारी खर्च और ईंधन की बचत होगी।


17 लग्जरी गाड़ियों की वापसी

17 लग्जरी गाड़ियां तत्काल प्रभाव से वापस ली गईं


इस समीक्षा बैठक का प्रभाव दोनों विभागों के उच्च अधिकारियों के वाहनों पर पड़ा है। मंत्री कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से 9 गाड़ियों को वापस लिया गया है। इसी तरह, लोक निर्माण विभाग से 8 वाहनों को भी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन 17 गाड़ियों के हटने से हर महीने लाखों रुपये की ईंधन बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।


सरकारी खर्च में कटौती के निर्देश

कार पूलिंग अपनाएं और वर्चुअल बैठकें करें


कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब सरकारी दौरों पर होने वाली फिजूलखर्ची बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, अधिकारी चंडीगढ़ आने के बजाय वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से काम करें। इसके अलावा, फील्ड में जाने के लिए सरकारी वाहनों का साझा उपयोग (Pooling) किया जाए ताकि एक ही रूट पर अलग-अलग गाड़ियां न चलें। सभी विभागों को गाड़ियों की लॉगबुक और डीजल-पेट्रोल के खर्च की नियमित निगरानी करने के लिए कहा गया है।


सरकारी संसाधनों का पारदर्शी उपयोग

पीएम और सीएम के विजन को धरातल पर उतारने की कवायद


मंत्री रणबीर गंगवा ने प्रेस को बताया कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन संरक्षण के आह्वान और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत उठाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जाएगा। जनता की मेहनत की कमाई और सार्वजनिक संसाधनों का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इस निर्णय के बाद अन्य मंत्रालयों में भी वाहनों की कटौती पर चर्चा तेज हो गई है।