मुख्यमंत्री धामी ने निर्माण श्रमिकों के लिए नई कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की
उत्तराखंड में श्रमिकों के लिए नई योजनाओं का शुभारंभ
उत्तराखंड: भवन एवं निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत रजिस्टर्ड श्रमिकों के लिए कई नई योजनाएं शुरू की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रमिकों को और अधिक सहायता प्रदान करने के लिए नई कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत दो मोबाइल मेडिकल वैन का भी शुभारंभ किया, जिससे श्रमिकों को उनके कार्यस्थल और निवास स्थान पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार श्रमिकों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है। आज शुरू की गई योजनाएं श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने में सहायक होंगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पोषण योजना के तहत श्रमिक परिवारों को पोषण सहायता दी जाएगी, जबकि मुख्यमंत्री शिक्षा सामग्री योजना के माध्यम से श्रमिकों के बच्चों को आवश्यक शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
देहरादून में मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री पोषाहार योजना, शिक्षण सामग्री एवं योग आरोग्य/वेलनेस योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर चयनित छात्रों को प्रवेश पत्र तथा लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किट भी वितरित किया।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री… pic.twitter.com/FWZqRg9UWc
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 23, 2026
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री स्वच्छता सामग्री वितरण कार्यक्रम के तहत श्रमिक परिवारों में हाईजिन किट का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री योग एवं वेलनेस आरोग्य योजना के तहत पात्र छात्रों को योग और वेलनेस के क्षेत्र में निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना के तहत हर साल 210 बच्चों को आवासीय सुविधा के साथ प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बोर्ड पारदर्शी तरीके से कार्य कर रहा है, जिससे वास्तविक श्रमिकों को लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना के तहत शुरू की गई मोबाइल मेडिकल वैन के माध्यम से विशेष स्वास्थ्य दल दूरदराज के क्षेत्रों में जाकर श्रमिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे।
इस मोबाइल मेडिकल वैन में एक्स-रे, ईसीजी सहित 44 प्रकार की जांचें निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही, टेली-कंसल्टेशन के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह भी मिलेगी। जांच के बाद तीन महीने तक स्वास्थ्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। इसकी शुरुआत पौड़ी गढ़वाल और चम्पावत जिलों से होगी, जिसे धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों को आवश्यक औजार, साइकिल और सिलाई मशीन उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को घर बनाने या खरीदने के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। इसके अलावा, वृद्ध निर्माण श्रमिकों को मासिक पेंशन देकर उनके जीवन को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान प्रदान किया जा रहा है।