मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चंदौली में न्यायालय परिसर का शिलान्यास किया
चंदौली में न्यायालय परिसर का भूमि पूजन
चंदौली। एक सशक्त न्यायपालिका, सशक्त लोकतंत्र के लिए अनिवार्य है। इसी उद्देश्य के साथ, आज चंदौली में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकान्त की उपस्थिति में महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस, औरैया एवं चंदौली के लिए एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का भूमि पूजन भी किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुशासन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए न्यायिक संस्थाओं को सुदृढ़ और सुविधाजनक बनाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए हमारी न्यायपालिका को भी उतनी ही ताकतवर होना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार न्यायिक व्यवस्था से संबंधित सभी कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश और उपस्थित न्यायमूर्तिगण का स्वागत करते हुए अधिवक्ताओं को शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कई सुधार लागू किए हैं। इसके साथ ही, देश के बुनियादी ढांचे को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों में भी इस तरह के कोर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने यूपी सरकार की ओर से आश्वासन दिया कि धन की कोई कमी नहीं होगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने उन 10 जनपदों में, जहां अब तक जिला न्यायालय नहीं था, वहां एक साथ इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण को मंजूरी दी है। पहले चरण में चंदौली सहित छह जनपदों के लिए धनराशि जारी कर दी गई है। यदि हमें सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करना है, तो न्यायिक संस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ और सुविधाजनक बनाना होगा। मुझे खुशी है कि उत्तर प्रदेश इस दिशा में प्रभावी रूप से आगे बढ़ चुका है। आज का दिन उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां की न्यायपालिका के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है।