मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हरितालिका तीज महोत्सव में नेपाली और गोरखाली समाज के साथ भाग लिया
नेपाली और गोरखाली समाज की पहचान
नेपाली व गोरखाली समाज की पहचान उनके साहस, अनुशासन, ईमानदारी व निष्ठा से होती है: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
ऐसे आयोजनों से हम अपनी समृद्ध परंपराओं, समाज में एकता व सहयोग की भावना को भी मजबूत कर रहे हैं: कपिल मिश्रा
हरितालिका तीज महोत्सव का आयोजन
नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को इंदिरा गांधी स्टेडियम में ‘हरितालिका तीज महोत्सव 2026’ में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हरितालिका तीज केवल एक व्रत नहीं, बल्कि नारी के संकल्प और शक्ति की गाथा है। माता पार्वती के तप और संकल्प से जुड़ा यह पर्व आज भी हमारी माताओं और बहनों की आस्था, शक्ति और समर्पण का प्रतीक है।
इस कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, योग गुरु स्वामी रामदेव, आयुर्वेदाचार्य बालकृष्ण और नेपाली एवं गोरखाली समाज के कई प्रमुख लोग भी उपस्थित थे। इस उत्सव का आयोजन ‘हमरो स्वाभिमान ट्रस्ट’ द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में समाज और राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाली दस विभूतियों को सम्मानित किया गया।
हरितालिका तीज का महत्व
हरितालिका तीज नारी शक्ति और संकल्प का पर्व
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हरितालिका तीज की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व नारी के संकल्प और शक्ति का प्रतीक है। माता पार्वती के तप से जुड़ा यह पर्व आज भी हमारी माताओं और बहनों की आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तीज के गीत और परंपराएं महिलाओं की भावनाओं और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का माध्यम हैं। उन्होंने हरितालिका तीज को नेपाली एवं गोर्खाली नारी की शक्ति और स्वाभिमान का पर्व बताते हुए समाज की महिलाओं को शुभकामनाएं दीं।
नेपाली-गोरखाली समाज का योगदान
नेपाली-गोरखाली समाज शक्ति व गौरव का अभिन्न हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में नेपाली व गोरखाली समाज के लोग निवास करते हैं। इस समाज की पहचान केवल संख्या से नहीं, बल्कि उनके साहस, अनुशासन, ईमानदारी और निष्ठा से होती है। उन्होंने योग गुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के योगदान की सराहना की।
सम्मान समारोह
इस अवसर पर दस विभूतियों को ‘हमरो गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी पर्व को मनाना एक बात है, लेकिन उन लोगों को पहचानना और सम्मानित करना, जिनका योगदान पर्याप्त पहचान नहीं मिला, उससे कहीं बड़ा कार्य है। उन्होंने सम्मानित विभूतियों को दिल्ली सरकार और जनता की ओर से बधाई दी।
योग और आयुर्वेद का महत्व
योग व आयुर्वेद ज्ञान व स्वस्थ्य जीवन का मार्ग
कला, संस्कृति एवं भाषा और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने आयोजन के लिए बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की सराहना की। उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद और हमारी संस्कृति केवल भारत की पहचान नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए ज्ञान और स्वस्थ जीवन का मार्ग हैं। ऐसे आयोजनों से हम अपनी समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ समाज में एकता, सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत कर रहे हैं।