×

मुरादाबाद में नजूल भूमि पर अवैध अस्पताल निर्माण का मामला: प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

मुरादाबाद में 4.95 एकड़ नजूल भूमि पर अवैध DMR हॉस्पिटल का निर्माण हो रहा है, जबकि प्रशासन इस पर चुप्पी साधे हुए है। फर्जी NOC के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह मामला अब प्रशासनिक जवाबदेही का सवाल बन गया है। क्या अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब हो रहा है? जानिए पूरी कहानी इस लेख में।
 

मुरादाबाद में नजूल भूमि का विवाद


मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में सिविल लाइंस क्षेत्र में 4.95 एकड़ नजूल भूमि के 'गायब' होने का मामला अब प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा बन गया है। यह सरकारी भूमि, जिसकी कीमत लगभग 259 करोड़ रुपये है, रिकॉर्ड में तो मौजूद है, लेकिन वास्तविकता में उस पर अवैध निर्माण हो चुका है और प्रशासन अब तक इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया है। सरकारी नियमों के अनुसार, 2008 के बाद नजूल भूमि को फ्री होल्ड करने पर रोक है, फिर भी न केवल फ्रीहोल्ड दिखाया गया, बल्कि उस पर बड़े पैमाने पर निर्माण भी किया गया।


सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिलाधिकारी की आंतरिक जांच में बहुमंजिला DMR हॉस्पिटल के निर्माण से संबंधित NOC फर्जी पाई गई। इसके बावजूद न तो निर्माण पर रोक लगी, न ही किसी प्रकार की कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की गई। अब सवाल यह उठता है कि जब फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि हो चुकी है, तो बहुमंजिला DMR हॉस्पिटल पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? रिकॉर्ड के अनुसार, यह भूमि मूल रूप से भागीरथी उर्फ कुंती पत्नी मीर खां के नाम पर थी। उनकी मृत्यु के बाद, भूमि वारिसों के नाम दर्ज की गई, जबकि बिना जिलाधिकारी की अनुमति ऐसा संभव नहीं था। यह स्पष्ट है कि नामांतरण नियमों का उल्लंघन हुआ है, और बाद में भूमि की बिक्री भी की गई है।


अब जिलाधिकारी अनुज सिंह को स्पष्ट करना चाहिए कि 259 करोड़ की सरकारी भूमि कहां गई? फर्जी NOC के बावजूद DMR हॉस्पिटल पर अब तक बुलडोजर या सीलिंग जैसी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? किन अधिकारियों की मिलीभगत से यह पूरा मामला हुआ? जब तक इन सवालों का जवाब नहीं मिलता, तब तक यह मामला एक बड़े प्रशासनिक मिलीभगत के रूप में देखा जाएगा।


मुरादाबाद जिले के सिविल लाइंस क्षेत्र में नजूल की भूमि पर डॉ. मंजेश राठी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी के निर्देशों के बावजूद बेखौफ होकर अस्पताल का निर्माण कर रहे हैं। डॉ. मंजेश राठी ने फर्जी एनओसी के जरिए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से नक्शा भी पास करा लिया था। इस पूरे मामले में डॉ. मंजेश राठी का साथ कुछ इंजीनियरों और अधिकारियों ने मिलकर दिया है।


सीएम योगी की नीति पर सवाल


डॉ. मंजेश राठी मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों, लेखपाल और तहसीलदार की मिलीभगत से अस्पताल का निर्माण कार्य करवा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, डीएमआर अस्पताल में कुछ अधिकारियों की भी हिस्सेदारी है, जिसके चलते इस अवैध निर्माण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अवैध निर्माण को स्वीकार न करने की नीति को पलीता लगा रही है।


बता दें कि नजूल की सरकारी भूमि पर लगभग 6000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में बहु मंजिले डीएमआर अस्पताल का निर्माण अवैध रूप से किया जा रहा है। सिविल लाइंस में ग्राम छावनी के नजूल लैंड संख्या 470 पर डीएमआर अस्पताल बन रहा है। ग्राम छावनी में नजूल लैंड का भूखंड संख्या 470 का रकबा 4.95 एकड़ है। इसमें केवल 2714 वर्ग मीटर भूमि फ्री होल्ड है, जबकि बाकी 17318 वर्ग मीटर नजूल भूमि है, जो सरकार के कब्जे में होनी चाहिए।


सीएम से शिकायत के बावजूद कार्रवाई का अभाव


सबसे महत्वपूर्ण यह है कि नजूल की भूमि पर कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी की गई है। इसके बावजूद, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने नक्शे की सच्चाई जानने की कोशिश नहीं की। प्राधिकरण इस मामले को लटकाए हुए है। कहा जा रहा है कि फर्जी एनओसी के बारे में अधिकारियों को भी जानकारी है। फिर भी, डॉ. मंजेश राठी धड़ल्ले से नजूल की भूमि पर कब्जा करने में जुटे हुए हैं।


अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध


मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के वीसी, नगर निगम के अधिकारियों और तहसीलदार सदर की भूमिका इस मामले में संदिग्ध है। सीएम से शिकायत और डीएम के आदेश के बावजूद, विवादित भूमि पर निर्माण कार्य जारी है। बताया जा रहा है कि दिन और रात की शिफ्ट में यहां काम चल रहा है, ताकि किसी भी कार्रवाई से पहले इस निर्माण को पूरा किया जा सके। ये सभी अधिकारी सब जानते हुए भी आंखें मूंदे हुए हैं।


मामले का सारांश


सिविल लाइंस क्षेत्र की बेशकीमती नजूल भूमि गाटा संख्या–470 इन दिनों मुरादाबाद में चर्चा का विषय है। करीब 4.95 एकड़ (20032 वर्गमीटर) की इस भूमि में से केवल 2713 वर्गमीटर भूमि ही फ्री होल्ड है, जबकि शेष 17318 वर्गमीटर भूमि सरकारी नजूल जमीन है। इस नजूल की भूमि पर लंबे समय से कब्जे का बड़ा खेल चल रहा है, जिसमें डॉ. मंजेश राठी शामिल हैं। मामले ने तूल पकड़ा तो जिलाधिकारी ने इसका संज्ञान लिया और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण को लिखा। सूत्रों के अनुसार, मशहूर डॉक्टर ने नजूल की भूमि पर निर्माण भी कराया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं।