मेघालय में अवैध कोयला खदान में विस्फोट, 10 मजदूरों की जान गई
मेघालय में दर्दनाक घटना
मेघालय: गुरुवार को मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के मायनसंगत-थाजस्को क्षेत्र में एक गंभीर हादसा हुआ। एक अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट में 10 श्रमिकों की मृत्यु हो गई। बताया गया है कि ताशखाई कोयला खदान में अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे खदान में काम कर रहे श्रमिक फंस गए। धमाका इतना भयंकर था कि श्रमिकों को बचने का कोई अवसर नहीं मिला। आशंका जताई जा रही है कि सभी मृतक श्रमिक असम के निवासी थे, हालांकि इस संबंध में अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस और बचाव दल की तत्परता
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मारे गए श्रमिकों में से एक असम के कटीगारा क्षेत्र के बिहारा गांव का निवासी था। घटना की सूचना मिलते ही मेघालय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। खदान के अंदर फंसे अन्य श्रमिकों की खोज के लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
जांच की प्रक्रिया
प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को सील कर दिया है ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। सुरक्षा को भी बढ़ा दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि धमाके के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, खदान में गैस लीक या तकनीकी खराबी को दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन स्थिति की स्पष्टता जांच के बाद ही होगी।
कोयला खदानों में सुरक्षा की कमी
मेघालय में कोयला खदानों में यह सबसे बड़ी दुर्घटना है। दिसंबर 2018 में कसान खदान में बाढ़ के कारण लगभग 20 खनिक फंस गए थे, जिसमें से कम से कम 15 की जान गई थी। यह घटना अवैध खनन के खतरों को उजागर करती है, जो नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद जारी है।
मजदूरों की सुरक्षा पर चिंता
इस घटना ने मजदूरों की सुरक्षा और अवैध खनन गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूरी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का भी वादा किया है।