मेजर स्वाति सांता कुमार: UN पुरस्कार से सम्मानित भारतीय सेना की नायक
नई दिल्ली में गर्व का क्षण
नई दिल्ली: भारतीय सेना की अधिकारी मेजर स्वाति सांता कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। बेंगलुरु की निवासी मेजर स्वाति को 2025 के संयुक्त राष्ट्र महासचिव पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें शांति स्थापना में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की सराहना
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पुरस्कार की घोषणा करते हुए मेजर स्वाति की पहल 'Equal Partners, Lasting Peace' की प्रशंसा की। यह पहल UNMISS मिशन के तहत लैंगिक समावेशिता को बढ़ावा देने और महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई थी। यह पुरस्कार उन परियोजनाओं को दिया जाता है जो महिला सशक्तिकरण और समानता आधारित शांति स्थापना को प्रोत्साहित करती हैं।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफलता
मेजर स्वाति का प्रोजेक्ट दुनिया भर के संयुक्त राष्ट्र मिशनों और एजेंसियों से आए कई नामांकनों में से चुना गया। Gender Category में इसे विजेता घोषित किया गया। चार फाइनलिस्टों के बीच हुई वोटिंग में, जिसमें विश्वभर के UN कर्मियों ने भाग लिया, उनके प्रोजेक्ट को सबसे अधिक समर्थन मिला। यह उनकी सोच, नेतृत्व और प्रभावी कार्यप्रणाली की अंतरराष्ट्रीय मान्यता है।
मिशन में सक्रिय भूमिका
मेजर स्वाति ने भारतीय एंगेजमेंट टीम का नेतृत्व करते हुए उसे UNMISS में प्रभावी ढंग से एकीकृत किया। उनकी अगुवाई में टीम ने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशंस को अंजाम दिया, जिनमें शामिल हैं:
- लघु और लंबी दूरी की गश्त (पेट्रोलिंग)
- संयुक्त नदी पेट्रोलिंग
दूरदराज क्षेत्रों में एयर पेट्रोलिंग
इन अभियानों का उद्देश्य न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना था, बल्कि स्थानीय समुदायों में विश्वास और सहयोग का माहौल बनाना भी था।
महिलाओं की भागीदारी से शांति प्रक्रिया में मजबूती
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इन प्रयासों के चलते दक्षिण सूडान के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में 5,000 से अधिक महिलाओं को सामुदायिक गतिविधियों और शांति प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से जुड़ने का अवसर मिला। इससे स्थानीय स्तर पर भरोसा बढ़ा और शांति स्थापना को मजबूती मिली। UN ने कहा कि मेजर स्वाति और उनकी टीम की प्रतिबद्धता भविष्य के शांति मिशनों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
स्थायी शांति का प्रेरक मॉडल
संयुक्त राष्ट्र ने स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि लैंगिक समावेशी नेतृत्व किस तरह संवेदनशील और संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में स्थायी शांति और स्थिरता ला सकता है। मेजर स्वाति सांता कुमार की यह सफलता न केवल भारतीय सेना के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।