मेरठ के ब्लू ड्रम हत्या मामले में मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराया गया
ब्लू ड्रम हत्या मामले का फैसला
मेरठ - मेरठ में हुए चर्चित ब्लू ड्रम हत्या मामले में, जिला जज की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी पाया है। अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया है, लेकिन सजा का ऐलान अभी नहीं किया गया है। अब अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सजा की अवधि तय करेगी।
हत्या की घटना का विवरण
यह मामला 3 मार्च 2025 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुस्कान और साहिल ने सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उसके शव को टुकड़ों में काटकर एक नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से सील कर दिया था। पुलिस ने लगभग दो सप्ताह बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
सात महीने तक चला ट्रायल
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने लगभग 1,000 पन्नों की चार्जशीट पेश की। जुलाई 2025 में जिला अदालत में ट्रायल शुरू हुआ। सुनवाई के दौरान 20 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए और पुलिस, परिवार, चिकित्सकों तथा अन्य संबंधित लोगों को अदालत में पेश किया गया।
हत्या के समय की स्थिति
सौरभ राजपूत 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ लौटे थे। अगले दिन उनकी पत्नी मुस्कान ने उनके स्वागत के लिए पार्टी आयोजित की थी। इसके बाद 28 फरवरी को परिवार ने उनकी बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया था।
हत्या की योजना
अभियोजन के अनुसार, 3 मार्च को सौरभ को खाने में नींद की दवा दी गई। इसके बाद साहिल को घर बुलाया गया और दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की और शव के टुकड़े कर उन्हें नीले ड्रम में छिपा दिया।
घटना के बाद की गतिविधियाँ
घटना के अगले दिन, 4 मार्च को मुस्कान अपनी बेटी पीहू को मायके में छोड़कर साहिल के साथ हिमाचल चली गई थीं। 17 मार्च को वापस लौटने के बाद उसने अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी। इसके बाद 18 मार्च को पुलिस ने इंद्रानगर स्थित घर पर पहुंचकर नीले ड्रम से सौरभ का शव बरामद किया।
साक्ष्य और सुनवाई
पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान शव के टुकड़ों का पोस्टमार्टम कराया गया और घटनास्थल से मिले सामान को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित किया गया।
डिजिटल साक्ष्य का महत्व
सुनवाई के दौरान नीला ड्रम और ट्रॉली बैग अदालत में पेश किए गए। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और चैट से संबंधित डिजिटल साक्ष्य भी अदालत के सामने रखे गए।
अगला चरण: सजा का निर्धारण
अदालत द्वारा दोनों को हत्या का दोषी ठहराए जाने के बाद अब अगला चरण सजा पर सुनवाई का होगा। अदालत यह तय करेगी कि दोषियों को कानून के तहत कितनी सजा दी जाए। इसके लिए अभियोजन और बचाव पक्ष को अपनी-अपनी दलीलें रखने का अवसर मिलेगा।