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मेरठ नीला ड्रम हत्या मामले में सौरभ राजपूत के हत्यारे दोषी ठहराए गए

मेरठ के बहुचर्चित नीला ड्रम हत्या मामले में अदालत ने सौरभ राजपूत की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया है। अदालत ने माना कि दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की और उसके शव को नीले ड्रम में छिपाने का प्रयास किया। अब सजा का फैसला 15 दिन बाद होगा। इस मामले में 13 महीने तक सुनवाई चली और 126 पेशियां हुईं। जानें इस मामले की पूरी कहानी और अदालत के फैसले के पीछे की वजहें।
 

मेरठ नीला ड्रम हत्या मामले का फैसला


मेरठ नीला ड्रम हत्या मामले की जानकारी: मेरठ में सौरभ राजपूत की हत्या से संबंधित मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। बुधवार को जिला अदालत ने सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को हत्या और शव छिपाने के आरोप में दोषी पाया। अदालत ने कहा कि दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की और उसके शव को नीले ड्रम में छिपाने का प्रयास किया। अब सजा का निर्णय अदालत 15 दिन बाद करेगी। इस मामले में लगभग 13 महीने तक सुनवाई चली और 126 पेशियां हुईं, जिसमें 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। 17 सितंबर को अंतिम बहस के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था।


अदालत के फैसले से पहले का व्यवहार


अदालत के निर्णय से पहले मुस्कान और साहिल का जेल में व्यवहार बदल गया था। मेरठ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक के अनुसार, मुस्कान ने पिछले तीन दिनों में अधिकतर समय पूजा-पाठ में बिताया, जबकि साहिल शांत और गुमसुम था। उसने साथी कैदियों से बातचीत कम कर दी थी और जेल कर्मचारियों से फैसले के बारे में जानकारी ले रहा था।


हत्या की घटना ने देश को झकझोर दिया


यह मामला 3 मार्च 2025 की रात से संबंधित है, जब सौरभ राजपूत की हत्या की गई थी। हत्या के बाद शव को काटकर एक नीले ड्रम में रखा गया और उसे सीमेंट से बंद कर दिया गया। लगभग दो सप्ताह बाद पुलिस ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि दोनों ने हत्या के बाद घूमने का कार्यक्रम बनाया था। नीला ड्रम इस मामले का प्रतीक बन गया और इसे नीला ड्रम मर्डर केस के नाम से जाना जाने लगा।


हत्या के बाद की यात्रा


सौरभ की हत्या के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश घूमने गए थे। उन्होंने लगभग 15 दिनों के लिए टैक्सी बुक की और शिमला, मनाली और कसोल जैसे स्थानों पर घूमे। पुलिस ने इस यात्रा को हत्या के बाद की गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना और इससे जुड़े साक्ष्यों को जांच में शामिल किया।


पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की


जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने लगभग 1000 पन्नों की चार्जशीट अदालत में पेश की। जुलाई 2025 में मेरठ जिला जज की अदालत में ट्रायल शुरू हुआ, जिसमें 13 महीने तक सुनवाई चली। अभियोजन पक्ष ने 22 से अधिक गवाह पेश किए, जिनमें परिवार के सदस्य और जांच से जुड़े लोग शामिल थे।


अभियोजन पक्ष की सजा की मांग


अंतिम बहस के दौरान अभियोजन पक्ष ने मुस्कान और साहिल के लिए मृत्युदंड की मांग की। अभियोजन ने अदालत के सामने हत्या की योजना, शव छिपाने, ड्रम और सीमेंट के उपयोग, और हत्या के बाद की गतिविधियों से जुड़े साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। 17 सितंबर को अंतिम बहस के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा और 30 सितंबर को निर्णय की तारीख तय की। अब अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया है और सजा की मात्रा पर बाद में सुनवाई होगी।