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मेरठ में गंगा के कटाव से पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क को भारी नुकसान

मेरठ में गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क को गंभीर नुकसान हुआ है। शेरपुर नई बस्ती के पास दो 220 केवी हाईटेंशन टावर बह गए, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। अधिकारियों ने सुरक्षा के लिए ट्रांसमिशन लाइन को बंद कर दिया है और वैकल्पिक बिजली आपूर्ति व्यवस्था की जा रही है। इस घटना के बाद मरम्मत कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
 

गंगा के जलस्तर में वृद्धि से नुकसान


मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव ने पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। शेरपुर नई बस्ती के पास गंगा की धारा में 220 केवी हाईटेंशन लाइन के दो टावर बह गए, जबकि दोनों ओर खड़े एक-एक टावर भी क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना के बाद, एहतियात के तौर पर दौराला के मटौर ग्रिड से बिजनौर के नहटौर तक जाने वाली ट्रांसमिशन लाइन को तुरंत बंद कर दिया गया। इससे करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।


मटौर पावर ग्रिड से बिजनौर के नहटौर स्थित 220 केवी उपकेंद्र तक हाईटेंशन लाइन जाती है, जो हस्तिनापुर क्षेत्र के कई गांवों से होकर गंगा नदी को पार करती है। पिछले दो वर्षों में गंगा के कटाव के कारण एक टावर नदी की मुख्य धारा में आ गया था। गुरुवार सुबह जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के चलते पहले एक टावर नदी में समा गया और कुछ ही समय बाद दूसरा टावर भी बह गया। इसके अलावा, आसपास के दो अन्य टावर भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे ट्रांसमिशन लाइन पूरी तरह प्रभावित हो गई।


घटना की जानकारी मिलते ही पावर ट्रांसमिशन निगम के अधिकारियों ने लाइन को बंद कर सुरक्षा सुनिश्चित की। तकनीकी टीम ने मौके पर जाकर क्षति का आकलन करना शुरू कर दिया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, टावरों के बहने और क्षतिग्रस्त होने से विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।


बिजली आपूर्ति में वैकल्पिक व्यवस्था


नहटौर ट्रांसमिशन के अवर अभियंता रोहित तोमर ने बताया कि मटौर स्थित 765 केवीए ग्रिड स्टेशन से नहटौर 220 केवी स्टेशन को जाने वाली लाइन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि, नहटौर, हल्दौर और बसावतपुर सहित नौ बिजलीघरों को आपूर्ति जारी रहेगी। अमरोहा और बिजनौर के अन्य ट्रांसमिशन स्टेशनों से वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति को सुचारू रखा गया है। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त टावरों की मरम्मत और लाइन को फिर से चालू करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।