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मोदी की चीन यात्रा: भारत-चीन संबंधों में सुधार की नई उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त को चीन की यात्रा पर जा रहे हैं, जहाँ उनकी शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। यह यात्रा भारत-चीन संबंधों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है, लेकिन अब दोनों पक्ष संबंधों को सुधारने के प्रयास कर रहे हैं। जानें इस यात्रा का महत्व और इसके संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं।
 

भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारी

हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर एक नया बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि यदि पाकिस्तान ने तनाव जारी रखा, तो अमेरिका व्यापार समझौते को आगे नहीं बढ़ाएगा और इतना ऊंचा टैरिफ लगाएगा कि पाकिस्तान की स्थिति खराब हो जाएगी। लेकिन अब भारत एक ऐसा कदम उठाने जा रहा है, जो ट्रंप को चौंका सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त को अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करने वाले हैं। यह उनकी सात साल में पहली चीन यात्रा होगी।


पिछली मुलाकात और वर्तमान स्थिति

दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात 23 अक्टूबर, 2024 को रूस के कज़ान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार 2018 में चीन का दौरा किया था। मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में चीनी घुसपैठ के बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव बढ़ गया था। इसके बाद से दोनों देशों ने संबंधों को सुधारने के प्रयास किए हैं, जैसे मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करना और चीनी पर्यटकों के लिए वीज़ा जारी करना। हालाँकि, मई में भारत को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना को चीनी सहायता के सबूत मिले, जिससे प्रयासों को झटका लगा।


मोदी की आगामी यात्रा का महत्व

प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं, जहाँ उनकी शी जिनपिंग के साथ बैठक होने की संभावना है। यह यात्रा उस समय हो रही है जब दोनों देशों के बीच जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद संबंधों में सुधार की कोशिशें चल रही हैं।


भारत-चीन संबंधों में प्रगति

मोदी की चीन यात्रा, हाल ही में चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात के कुछ दिनों बाद हो रही है। इस बैठक के बारे में जानकारी साझा करते हुए, मोदी ने कहा कि भारत और चीन अपने राजनयिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा कि वांग यी से मिलकर खुशी हुई और उन्होंने उम्मीद जताई कि SCO शिखर सम्मेलन के दौरान उनकी अगली मुलाकात क्षेत्रीय और वैश्विक शांति में योगदान देगी।