मोबाइल खोने पर तुरंत करें ये 5 जरूरी कदम, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान
पुलिस की चेतावनी: मोबाइल खोने पर सतर्क रहें
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा, IPS ने आम जनता को सचेत करते हुए कहा है कि मोबाइल फोन के खोने या चोरी होने की घटनाओं के बाद साइबर धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में, मोबाइल फोन केवल कॉल करने का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह बैंकिंग, सोशल मीडिया, ईमेल, यूपीआई और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में यदि फोन गलत हाथों में चला जाता है, तो व्यक्ति को गंभीर आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने आगे बताया कि यदि किसी का मोबाइल फोन खो जाता है, तो साइबर अपराधी उसमें मौजूद सिम कार्ड, बैंकिंग ऐप्स, ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट्स और सेव किए गए पासवर्ड का दुरुपयोग कर सकते हैं। कई मामलों में ठग ओटीपी प्राप्त कर बैंक खातों से पैसे निकाल लेते हैं या सोशल मीडिया के जरिए जान-पहचान वालों से पैसे मांगते हैं।
फोन खोने पर तुरंत करें ये जरूरी काम
अपने मोबाइल नंबर को ब्लॉक कराने के लिए तुरंत संबंधित टेलीकॉम कंपनी से संपर्क करें। अपने बैंक खातों और यूपीआई ऐप्स (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm) को अस्थायी रूप से ब्लॉक या लॉगआउट करवाएं। ईमेल, सोशल मीडिया और अन्य महत्वपूर्ण अकाउंट्स के पासवर्ड तुरंत बदलें। 'Find My Device' या 'Find My iPhone' जैसी सुविधाओं का उपयोग करके फोन को ट्रैक करें या डेटा को रिमोटली डिलीट करें। इसके अलावा, नजदीकी पुलिस स्टेशन में फोन खोने या चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराएं।
भविष्य के लिए सावधानी बरतें
अपने मोबाइल में स्क्रीन लॉक (PIN, पासवर्ड या फिंगरप्रिंट) अवश्य लगाएं। बैंकिंग ऐप्स में अतिरिक्त सुरक्षा (MPIN/बायोमेट्रिक) सक्रिय रखें। फोन में महत्वपूर्ण डेटा को एन्क्रिप्ट करके रखें। अनजान ऐप्स डाउनलोड करने से बचें और केवल आधिकारिक ऐप स्टोर का उपयोग करें। समय-समय पर अपने डेटा का बैकअप लेते रहें।
साइबर धोखाधड़ी होने पर क्या करें
यदि साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें और अपने बैंक या वित्तीय संस्थान को तुरंत सूचित करें।
पुलिस अधीक्षक की सलाह
अंत में, पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि “मोबाइल फोन के खोने को हल्के में न लें। थोड़ी सी देरी आपके लिए बड़ा आर्थिक नुकसान बन सकती है। सतर्क रहें, तुरंत कार्रवाई करें और अपनी डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता दें।”