×

मोहन भागवत का स्वतंत्रता दिवस पर युवाओं को संदेश

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नागपुर में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सही दिशा में मार्गदर्शन न मिलने पर युवा समाज पर बोझ बन सकते हैं। उन्होंने स्वतंत्रता के महत्व और इसके लिए किए गए बलिदानों का भी जिक्र किया। भागवत ने सावरकर जी के विचारों को साझा करते हुए स्वतंत्रता के सकारात्मक परिणामों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस संबोधन में उन्होंने युवाओं की भूमिका और जिम्मेदारियों पर भी प्रकाश डाला।
 

स्वतंत्रता दिवस पर आरएसएस प्रमुख का संबोधन


नागपुर। नागपुर के महाल कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि उन्हें देश के युवा वर्ग के बारे में बात करने के लिए आमंत्रित किया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युवाओं को सही दिशा नहीं दी गई, तो वे समाज पर बोझ बन सकते हैं।


“स्वतंत्रता दिवस हम सबके लिए गौरव का और उत्सव का विषय़ है। 1857 से गिनेंगे तो लगातार 90 वर्ष अनेक प्रकार का त्याग बलिदान देकर हमारे पूर्वजों ने स्वातंत्र्य की प्राप्ति की। उस त्याग और बलिदान का गौरव हमारे मन में है। लेकिन इसके साथ एक भान मन में चाहिए, कि इतना त्याग-परिश्रम करके… pic.twitter.com/1s5t2Jrz3C

— RSS (@RSSorg) August 15, 2026



मोहन भागवत ने आगे कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए गर्व और उत्सव का अवसर है। 1857 से लेकर अब तक, हमारे पूर्वजों ने अनेक बलिदान दिए हैं, जिससे हमें स्वतंत्रता मिली। इस त्याग का सम्मान करना और इसे बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने सावरकर जी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें स्वतंत्रता के परिणामों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए।