मौसम का कहर: ओडिशा में भारी बारिश और अन्य राज्यों के लिए चेतावनी
मौसम में बदलाव का असर
नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके आस-पास के तटीय क्षेत्रों में मौसमी चक्रवात ने अपनी तीव्रता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, कम दबाव का क्षेत्र अब गंभीर डिप्रेशन में बदल चुका है। यह डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है, जिससे अगले तीन दिनों में पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भारी से अत्यधिक बारिश की संभावना है। इस मौसम परिवर्तन के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के लिए चेतावनी जारी की है।
ओडिशा में बारिश का कहर
ओडिशा में बारिश ने ढहाया कहर
पूर्वी भारत में मॉनसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। ओडिशा के भोगोराई में पिछले 24 घंटों में 22 सेंटीमीटर बारिश हुई है।
बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए राज्य प्रशासन ने 2.37 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इसके अलावा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हुई है।
झारखंड, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए चेतावनी
झारखंड, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम अगले 24 घंटों में झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार से गुजरेगा। झारखंड में 18 अगस्त को 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश की संभावना है। वहीं, बिहार में 17 से 23 अगस्त के बीच मूसलाधार बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में भी अगले पांच से सात दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहेगा।
समुद्र में उफान और तटीय इलाकों में नुकसान का अंदेशा
समुद्र में उफान और तटीय इलाकों में नुकसान का अंदेशा
मौसम प्रणाली की तीव्रता के कारण उत्तरी बंगाल की खाड़ी, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के समुद्री तटों पर 45 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। समुद्र में ऊंची लहरों और प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते 18 अगस्त तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। तेज हवाओं के कारण वृक्षों के उखड़ने, जलभराव, बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जिससे सड़क, रेल और हवाई सेवाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा
दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में 17 से 20 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 18 अगस्त को हल्की बारिश के साथ अधिकतम तापमान 32-34°C तक गिर सकता है, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी। 19 और 20 अगस्त को भी दोपहर में बारिश के एक से दो दौर देखने को मिल सकते हैं। इसके साथ ही दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 17, 18 और 21 अगस्त को कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है।