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यमन में हूती विद्रोहियों का राष्ट्रपति भवन और एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला

यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने अदन में राष्ट्रपति भवन और एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। यह हमला पिछले 15 दिनों में राष्ट्रपति भवन पर दूसरा बड़ा हमला है। हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इसके अलावा, विद्रोहियों ने सऊदी अरब के मदीना की ओर एक आत्मघाती ड्रोन भी भेजा, जिसे समय पर नष्ट कर दिया गया। अदन, जो यमन सरकार का मुख्यालय है, हाल के महीनों में हूती हमलों का केंद्र बन गया है।
 

अदन में विद्रोहियों का आक्रमण

अदन: यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार को अदन स्थित राष्ट्रपति भवन को निशाना बनाते हुए एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाया। विद्रोहियों ने राष्ट्रपति भवन परिसर की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि मिसाइलें अपने लक्ष्य पर लगीं या नहीं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों के अनुसार, हमले के तुरंत बाद राष्ट्रपति भवन की दिशा में कई एंबुलेंस तेजी से दौड़ती देखी गईं। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां उच्च सतर्कता पर हैं।


अदन एयरपोर्ट पर भी मिसाइल हमला

अदन एयरपोर्ट पर भी मिसाइल अटैक, 15 दिन में राष्ट्रपति भवन पर दूसरा हमला
यमन सरकार के सैन्य प्रवक्ता ने जानकारी दी कि हूती विद्रोहियों ने राष्ट्रपति भवन के साथ-साथ अदन एयरपोर्ट पर भी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। प्रारंभिक रिपोर्टों में हमले से हुए नुकसान का कोई आधिकारिक विवरण नहीं दिया गया है। यह राष्ट्रपति भवन पर पिछले 15 दिनों में दूसरा बड़ा मिसाइल हमला है। इससे पहले 15 अक्टूबर को हूती विद्रोहियों ने राष्ट्रपति भवन पर 5 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिसमें इमारत को भारी नुकसान हुआ और 4 लोगों की जान गई थी।


सऊदी अरब की ओर भेजा गया ड्रोन

सऊदी अरब के मदीना की ओर भेजा ड्रोन, एयर डिफेंस ने किया ढेर
राष्ट्रपति भवन और एयरपोर्ट पर हमलों के अलावा, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना की ओर एक आत्मघाती ड्रोन भी भेजा था। हालांकि, सऊदी नेतृत्व वाले अरब सैन्य गठबंधन की वायु रक्षा प्रणाली ने इस ड्रोन को समय पर ट्रैक कर लिया और उसे आबादी वाले क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही हवा में नष्ट कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।


यमन सरकार का मुख्यालय अदन

यमन सरकार का मुख्य केंद्र है अदन, जुलाई से हमलों में आई तेजी
2014 में हूती विद्रोहियों द्वारा राजधानी सना पर कब्जा करने के बाद, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार ने अदन को अपना प्रशासनिक केंद्र और अस्थाई मुख्यालय बनाया है। पिछले कुछ महीनों, विशेषकर जुलाई से, अदन और आसपास के सरकारी प्रतिष्ठानों पर हूती हमलों में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है। इससे पहले 28 अक्टूबर को भी हूतियों ने अदन एयरपोर्ट को निशाना बनाया था। अदन एयरपोर्ट न केवल हवाई यातायात का प्रमुख केंद्र है, बल्कि दक्षिणी यमन में अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता और आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग भी है। लगातार हो रहे इन मिसाइल हमलों से क्षेत्र में राहत और बचाव कार्यों पर गंभीर संकट मंडराने लगा है।