यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना की समीक्षा: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का निर्देश
यमुना को पुनर्जीवित करने की दिशा में प्रयास
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यमुना को साफ करने के लिए केवल संतोषजनक कार्य ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए ठोस परिणाम भी आवश्यक हैं। यह सुनिश्चित करना होगा कि यमुना को जल्द से जल्द साफ किया जा सके।
हर 20 दिन में समीक्षा बैठक
इस परियोजना के तहत दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों के साथ-साथ केंद्र और राज्य के सभी संबंधित मंत्रालयों की भागीदारी होगी। हर 20 दिन में यह समीक्षा की जाएगी कि यमुना को साफ करने के लिए कितना कार्य हुआ है, ताकि लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सके।
128 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स का निर्माण
गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के तहत अब तक दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 128 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) स्थापित किए जा चुके हैं। 2027 के अंत तक 99 नए STP भी बनाए जाने की योजना है।
गृह मंत्री का निर्देश
अमित शाह ने कहा कि सभी संबंधित सरकारों और अधिकारियों को STP, औद्योगिक अपशिष्ट और नालों से निकलने वाले डिस्चार्ज की निगरानी करनी चाहिए। औद्योगिक CETP और डेयरी वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट्स का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।
लापरवाही नहीं होनी चाहिए
उन्होंने यह भी कहा कि यमुना में गिरने वाले सभी नालों और जल स्रोतों में शुद्धिकरण के लिए आवश्यक मानकों की निरंतर निगरानी होनी चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
कार्य की डेडलाइन तय होनी चाहिए
यदि किसी कार्य में कमी पाई जाती है, तो उसे समय पर ठीक किया जाना चाहिए। यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना के लिए सभी कार्यों की डिटेल और उन्हें पूरा करने की डेडलाइन तय की जानी चाहिए।
सभी राज्य सरकारों का सहयोग
गृह मंत्री ने कहा कि साफ यमुना का संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया है। इसके लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को मिलकर काम करना होगा।
MCD और NDDB के बीच MoU
मीटिंग में यह भी बताया गया कि दिल्ली की डेयरियों के अपशिष्ट को यमुना में जाने से रोकने के लिए MCD और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के बीच एक MoU साइन किया जाएगा।
गाद निकालने का कार्य
यमुना किनारे के कचरे का वैज्ञानिक समाधान किया जाएगा। इस साल गाद निकालने का लक्ष्य 28.57 लाख MT रखा गया है, जिसमें से अब तक 97 गाद निकाली जा चुकी है। शेष कार्य 15 जून तक पूरा किया जाएगा।