यासीन मलिक ने सरला भट हत्या मामले में खुद को निर्दोष बताया
36 साल पुराना मामला फिर से सुर्खियों में
कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट की हत्या का मामला, जो 36 साल पुराना है, एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। तिहाड़ जेल में बंद जेकेएलएफ के नेता यासीन मलिक ने अदालत में एक हलफनामा पेश कर आरोपों को नकारा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह सुनवाई में भाग नहीं लेंगे और खुद को निर्दोष मानते हैं।
यासीन मलिक का हलफनामा
यासीन मलिक ने श्रीनगर की टाडा/पोटा अदालत में 25 पन्नों का हलफनामा प्रस्तुत किया है। इसमें उन्होंने कहा कि सरला भट के अपहरण और हत्या में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है और उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। मलिक ने यह भी स्पष्ट किया कि सुनवाई में भाग न लेने का अर्थ यह नहीं है कि वह अपराध स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने सरला भट को निर्दोष नागरिक बताते हुए अपने लिए मौत की सजा की मांग की।
बीजेपी की प्रतिक्रिया
मलिक के बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जम्मू-कश्मीर बीजेपी के प्रवक्ता दानिश भट ने कहा कि यासीन मलिक के पास बचाव के लिए कोई ठोस आधार नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर की एसआईए ने 737 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट पेश की है। बीजेपी का कहना है कि यह मामला कई सरकारों के दौरान लंबित रहा है, लेकिन अब यह आगे बढ़ रहा है और सरला भट के परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में कार्रवाई जारी है।
1990 में हुआ था अपहरण और हत्या
सरला भट, जो एसकेआईएमएस में नर्स थीं, का अपहरण 18 अप्रैल 1990 को अस्पताल के पास से किया गया था और अगले दिन श्रीनगर की ओमर कॉलोनी से उनका शव बरामद हुआ। यह वह समय था जब घाटी में आतंकवाद तेजी से बढ़ रहा था और बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडितों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। एसआईए ने गवाहों के बयान, दस्तावेज, फोरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट, बैलिस्टिक जांच तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की फिर से जांच की है।
पुराने मामलों की जांच में तेजी
सरला भट मामले की जांच मार्च 2024 में एसआईए को सौंपे जाने के बाद फिर से शुरू हुई। एजेंसी ने कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाकर की गई कई पुरानी हत्याओं की भी जांच दोबारा शुरू की है, जिनमें कवि सर्वानंद कौल प्रेमी और उनके बेटे वीरेंद्र कौल की हत्या शामिल है। मलिक ने हलफनामे में अपनी निजी जिंदगी का भी उल्लेख किया और पाकिस्तानी पत्नी मुशाल मलिक से अलग होने का निर्णय बताया। वह वर्तमान में आतंकी फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।