यूएई के राष्ट्रपति की नई दिल्ली यात्रा: क्या है इसके पीछे की कहानी?
संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली यात्रा
नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (एमबीजेड) की हालिया यात्रा ने राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। सोमवार को भारत पहुंचे एमबीजेड ने केवल कुछ घंटों में वापस लौटने का निर्णय लिया। उनकी इस त्वरित यात्रा ने सोशल मीडिया पर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया, जहां कई उपयोगकर्ताओं ने इस संक्षिप्त दौरे के कारणों पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पर चर्चाएँ
कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि एमबीजेड दिल्ली में डेढ़ से दो घंटे तक रहे, जबकि अन्य ने उनकी उपस्थिति को तीन घंटे तक बताया। उनके साथ यूएई के कई प्रमुख मंत्री भी थे, जिससे इस दौरे को "असामान्य लेकिन महत्वपूर्ण" माना गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई लोगों ने इसे किसी महत्वपूर्ण घटनाक्रम से जोड़ा।
संयुक्त बयान से स्पष्टता
भारत और यूएई द्वारा जारी संयुक्त बयान ने यह स्पष्ट किया कि यह यात्रा न तो आकस्मिक थी और न ही अनियोजित। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के औपचारिक निमंत्रण पर हुई थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। बयान में कहा गया कि पिछले एक दशक में भारत-यूएई के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत हुई है।
आतंकवाद पर सख्त रुख
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति एमबीजेड की बैठक में आतंकवाद का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। दोनों नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद सहित सभी प्रकार के आतंकवाद की निंदा की और इस बात पर जोर दिया कि कोई भी देश आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन नहीं दे सकता। दोनों देशों ने आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ FATF ढांचे के तहत सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई।
रणनीतिक और रक्षा सहयोग
संयुक्त बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि भारत और यूएई के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। दोनों नेताओं ने सामरिक रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर का स्वागत किया। इसके अलावा, द्विपक्षीय नागरिक परमाणु सहयोग, ऊर्जा क्षेत्र में समझौतों और अन्य एमओयू पर भी चर्चा की गई।
ऊर्जा और आर्थिक सहयोग
बैठक के दौरान हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और ADNOC गैस के बीच बिक्री-खरीद समझौते सहित कई आर्थिक समझौतों का उल्लेख किया गया। यह दर्शाता है कि दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए एक भविष्य-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच यात्रा
एमबीजेड की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में सऊदी अरब और यूएई के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद उभर रहे हैं। तेल उत्पादन, क्षेत्रीय राजनीति और रणनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। इस पृष्ठभूमि में, भारत-यूएई की नजदीकी को कई विश्लेषक महत्वपूर्ण मान रहे हैं।