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यूक्रेन में रूस के हमलों से अमेरिका में हड़कंप, भारत पर आरोप

यूक्रेन में रूस के ताजा हमलों ने अमेरिका में हड़कंप मचा दिया है। ट्रंप के सलाहकार ने भारत पर आरोप लगाया है कि वह रूस से तेल खरीदकर युद्ध को बढ़ावा दे रहा है। हालात बिगड़ते जा रहे हैं, जिसमें कीव पर हुए हमले में कई लोगों की जान गई है। जानें इस संकट के पीछे की वजहें और अमेरिका की प्रतिक्रिया।
 

यूक्रेन में हालात बिगड़ते जा रहे हैं

यूक्रेन में युद्ध की स्थिति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में रूस द्वारा किए गए मिसाइल हमलों ने अमेरिका को चिंतित कर दिया है। ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो ने मीडिया में यह आरोप लगाया है कि भारत इस युद्ध के लिए जिम्मेदार है, क्योंकि वह रूस से बड़े पैमाने पर तेल खरीद रहा है, जिससे रूस को युद्ध में बढ़त मिल रही है। ट्रंप की कोशिशें भी अब उलटी पड़ती नजर आ रही हैं। उन्होंने 24 घंटे में युद्ध समाप्त करने का दावा किया था और इसके लिए पुतिन से अलास्का में मुलाकात की थी, लेकिन यह प्रयास विफल रहा है। इस बीच, रूस ने कीव पर हमलों को और तेज कर दिया है।


रूस का भीषण हमला

गुरुवार की सुबह रूस ने कीव पर 598 ड्रोन और 31 मिसाइलों से हमला किया, जिसमें 4 बच्चों सहित 18 लोगों की जान चली गई और 45 अन्य घायल हुए। यह हमला ट्रंप और पुतिन की मुलाकात के 13 दिन बाद हुआ। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, हमले में एक 5 मंजिला अपार्टमेंट इमारत पूरी तरह से ध्वस्त हो गई, कई अन्य घरों को नुकसान पहुंचा और एक शॉपिंग मॉल पर भी मिसाइल गिरी। यूरोपीय संघ और ब्रिटिश काउंसिल की इमारतों को भी नुकसान हुआ है।


यूक्रेन की प्रतिक्रिया

यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि रूस ने रातभर में 598 ड्रोन और 31 मिसाइलें दागीं, जिनमें से 563 ड्रोन और 26 मिसाइलें मार गिराई गईं। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा, 'रूस शांति की बजाय मिसाइलों का चयन कर रहा है।' कीव में 23 स्थानों पर आग और मलबे की घटनाएं हुईं, जिसमें 500 से अधिक आपातकर्मी राहत कार्यों में जुटे रहे और कई लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने रूस को चेतावनी दी है, जबकि वाइट हाउस ने वार्ता जारी रखने की बात कही है।