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यूनिफॉर्म सिविल कोड पर राम गोपाल यादव का बयान: परंपराओं का महत्व

समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने उत्तराखंड में UCC के लागू होने के बावजूद वहां के परिणामों पर सवाल उठाए और परंपराओं के महत्व को रेखांकित किया। उनका कहना है कि विभिन्न धर्मों और समाजों के रीति-रिवाजों को कानून के माध्यम से नहीं बदला जा सकता। इस बयान के पीछे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का हालिया बयान है, जिसमें उन्होंने UCC को 2029 के चुनाव से पहले लागू करने की बात कही थी। यादव ने यूपी में बीजेपी की चुनावी स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की।
 

UCC पर बहस का नया दौर

यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के मुद्दे पर हाल ही में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रोफेसर राम गोपाल यादव ने सोमवार को इटावा में बयान दिया कि उत्तराखंड में UCC लागू होने के बावजूद वहां क्या सकारात्मक परिणाम मिले हैं? उन्होंने शादियों का उदाहरण देते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय में चचेरी बहन से विवाह को स्वीकार किया जाता है, जबकि हिंदू समाज में यह असामान्य है। इस पर उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में UCC कैसे प्रभावी हो सकता है। उनका कहना था कि परंपराओं और सामाजिक मान्यताओं को किसी कानून के माध्यम से नहीं दबाया जा सकता।


अमित शाह के बयान का संदर्भ

राम गोपाल यादव का यह बयान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हालिया बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी और एनडीए शासित 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा। इस घोषणा के बाद देशभर में इस विषय पर नई बहस शुरू हो गई है, क्योंकि वर्तमान में केवल कुछ राज्यों में ही UCC लागू है।


राम गोपाल यादव की चिंताएँ

UCC पर अपने विचार व्यक्त करते हुए राम गोपाल यादव ने कहा, 'उत्तराखंड में UCC लागू होने के बावजूद वहां कोई विशेष बदलाव नहीं आया है। विभिन्न धर्मों और समाजों के अपने अलग-अलग रीति-रिवाज होते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'मुसलमानों में चचेरी बहन से विवाह को अच्छा माना जाता है, जबकि हिंदुओं में यह विचार भी नहीं किया जाता। क्या UCC को इस तरह लागू किया जा सकता है? मैंने चार साल पहले संसद में पूछा था कि क्या आप इस तरह की जबरदस्ती किसी पर थोप सकते हैं? परंपराओं और सामाजिक मान्यताओं को कानून के तहत नहीं दबाया जा सकता।' उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन का संविधान भी परंपराओं पर आधारित है और इसे कानून के माध्यम से नहीं बदला जा सकता।


यूपी में चुनावी स्थिति

इस चर्चा के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि यदि आज उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं, तो बीजेपी 50 सीटें भी नहीं जीत पाएगी। यह बयान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के UCC को लागू करने के बयान के संदर्भ में आया है।