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यूपी में बिजली कटौती पर सपा और भाजपा के बीच तीखी नोकझोंक

उत्तर प्रदेश में बिजली कटौती को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी सपा के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर आरोप लगाया है कि वे जनता के गुस्से से बचने के लिए चिट्ठियां लिख रहे हैं। वहीं, सीएम योगी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासन में बिजली की स्थिति बेहद खराब थी। इस विवाद में दोनों पक्षों के बयान और प्रतिक्रियाएं चर्चा का विषय बन गई हैं।
 

बिजली कटौती पर सपा का हमला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली कटौती को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी दल आमने-सामने हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को योगी सरकार पर कड़ा हमला किया। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा कि भाजपा शासन में बिजली के सब-स्टेशनों पर पीएसी तैनात की जाती है और विधायक-सांसद अपनी ही सरकार के खिलाफ पत्र लिखकर जनता के गुस्से से बचने का प्रयास करते हैं।


सीएम योगी का जवाब

सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले वही लोग हैं, जिनके शासन में प्रदेश की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने कहा कि उस समय लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाते थे और बिजली सप्ताह में एक बार मिलती थी। इस पर अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'अगले चुनाव में जनता भाजपा को अच्छे से धो-पटककर हमेशा के लिए सुखा देगी।'


अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया

अखिलेश यादव ने कहा कि शुक्र है कि मुख्यमंत्री जी ने यह नहीं कहा कि इस 'महाविद्युत आपदा' के पीछे दिल्लीवालों की साजिश है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में बिजली मंत्री नहीं आते हैं। यदि आते हैं, तो उनसे अनुरोध है कि एक तस्वीर साझा करें, ताकि जनता को उनकी 'आपसी गर्मी' से राहत मिल सके। भाजपा में अब करंट नहीं रहा।


सीएम योगी का बयान

सीएम योगी ने कहा कि कुछ पावर स्टेशनों में तकनीकी कारणों से शटडाउन के चलते बिजली आपूर्ति में बाधा आई है। उन्होंने संबंधित विभागों को उत्पादन और वितरण व्यवस्था को सुचारू करने के निर्देश दिए हैं। जनता से उन्होंने थोड़े समय के लिए सहयोग की अपील की और पावर कॉरपोरेशन को तकनीकी समस्याओं को हल करने का समय देने का अनुरोध किया।