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यूरी गागरिन: अंतरिक्ष में भोजन करने वाले पहले व्यक्ति

12 अप्रैल 1961 को यूरी गागरिन ने अंतरिक्ष में पहुंचने वाले पहले मानव का गौरव प्राप्त किया। उन्होंने शून्य गुरुत्वाकर्षण में भोजन करने का अनोखा अनुभव साझा किया। जानें कि कैसे स्पेस फूड ने समय के साथ विकास किया और आज के अंतरिक्ष यात्रियों का भोजन कैसा होता है।
 

यूरी गागरिन का ऐतिहासिक मिशन

12 अप्रैल 1961 को, सोवियत संघ के अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन ने 'वोस्तोक-1' मिशन के तहत अंतरिक्ष में पहुंचने वाले पहले मानव का गौरव प्राप्त किया। इसके साथ ही, वे शून्य गुरुत्वाकर्षण में भोजन करने वाले पहले व्यक्ति भी बने। गागरिन ने पृथ्वी की परिक्रमा करते समय एल्युमिनियम ट्यूब का उपयोग करके 'बीफ और लिवर पेस्ट' को सीधे अपने मुँह में निचोड़कर खाया।


अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार, गागरिन ने मीठे के रूप में 'चॉकलेट सॉस' का भी इसी तरह सेवन किया। यह प्रयोग विज्ञान के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसने यह सिद्ध किया कि माइक्रोग्रैविटी की स्थिति में भी इंसान भोजन को चबा और निगल सकता है। हालांकि, स्वाद के मामले में यह अनुभव उतना अच्छा नहीं था, लेकिन इसने भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए एक आधार तैयार किया। गागरिन के बाद, अन्य अंतरिक्ष यात्रियों ने भी ट्यूब के माध्यम से भोजन ग्रहण किया, लेकिन तब से लेकर अब तक स्पेस फूड की तकनीक और स्वाद में काफी सुधार हुआ है।


अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री जॉन ग्लेन ने भी टूथपेस्ट जैसी ट्यूब से एप्पल सॉस खाकर एक नया इतिहास रचा। अमेरिका के दूसरे मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम, जेमिनी, में फ्रीज-ड्राई भोजन की शुरुआत हुई, जिसमें अंतरिक्ष यात्री सूखे भोजन में पानी मिलाकर खाते थे।


अपोलो मिशन के दौरान, भोजन की गुणवत्ता में सुधार हुआ। 70 से अधिक आइटम उपलब्ध थे, जिनमें एपेटाइज़र और कॉन्डिमेंट शामिल थे। कुछ खाद्य पदार्थों को गर्म पानी से रीहाइड्रेट किया जाता था। सैंडविच का प्रयास किया गया, लेकिन ब्रेड के टुकड़े यान के संवेदनशील उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकते थे, इसलिए यह असफल रहा।


1975 के अपोलो-सोयुज प्रोजेक्ट में अमेरिकी और सोवियत क्रू ने खाने की झलक दिखाई। सोवियत भोजन ज्यादातर ट्यूब में था। वहीं, स्पेस शटल में गैली में खाना गर्म और रीहाइड्रेट करने की सुविधा आई, जिससे स्टेशन पर डाइनिंग टेबल पर गर्म-ठंडे पानी डिस्पेंसर और ताजे फल-सब्जियों की भी शुरुआत हुई।


आज के समय में, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर एस्ट्रोनॉट्स का खाना काफी बेहतर हो चुका है। स्पेस में एस्ट्रोनॉट्स रोज तीन मील और एक स्नैक लेते हैं। पतली, बिना खमीर वाली नरम टॉर्टिला ब्रेड एस्ट्रोनॉट्स के बीच खासा लोकप्रिय है, क्योंकि इसमें चूरे नहीं बनते। इससे ब्रेकफास्ट बरिटो, स्पेस बर्गर, पीनट बटर-जेली सैंडविच बनते हैं। फ्रीज-ड्राई, थर्मोस्टेबलाइज्ड और स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं। हॉट सॉस, नट्स, फलों और चॉकलेट का सेवन आम है। आज के समय में आईएसएस में रूसी और अमेरिकी मेन्यू दोनों उपलब्ध हैं, जिसमें सूप, गौलाश, करी जैसी फ्लेवर वाली चीजें पसंद की जाती हैं।