यूरोप में भीषण गर्मी की लहर, 1000 से अधिक मौतें
यूरोप में गर्मी का कहर
बर्लिन - यूरोप इस समय अत्यधिक गर्मी की एक गंभीर लहर का सामना कर रहा है। कई देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा चुका है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कहीं सड़कें पिघल रही हैं, तो कहीं रेल की पटरियां गर्मी के कारण टेढ़ी हो रही हैं। बिजली और परिवहन सेवाएं भी बाधित हो रही हैं। विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन से संबंधित सबसे गंभीर हीटवेव में से एक मानते हैं।
गर्मी की लहर का विस्तार
पश्चिमी यूरोप से शुरू हुई यह गर्मी की लहर अब मध्य और पूर्वी यूरोप तक फैल चुकी है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण सड़कों, रेल नेटवर्क, बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव देखा जा रहा है। कई देशों में दशकों पुराने तापमान रिकॉर्ड टूट गए हैं। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले बुधवार से अब तक सामान्य अनुमान की तुलना में लगभग 1,000 अधिक लोगों की मौत हुई है।
जर्मनी में परिवहन व्यवस्था प्रभावित
जर्मनी में गर्मी का प्रभाव
जर्मनी में गर्मी का सबसे अधिक असर परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है। बर्लिन के बाहरी इलाके में ए-2 मोटरवे पर अत्यधिक तापमान के कारण कंक्रीट की सड़कें टूट गईं, जिसके चलते कई हिस्सों को बंद करना पड़ा। देश के अन्य हाईवे पर भी सड़कें क्षतिग्रस्त होने की खबरें आई हैं। डॉयचे बान ने यात्रियों से गैर-जरूरी रेल यात्राएं टालने की सलाह दी है। सोशल मीडिया पर सड़कों के पिघलने के दृश्य वायरल हो रहे हैं।
डेनमार्क और स्विट्जरलैंड में नए तापमान रिकॉर्ड
नए रिकॉर्ड बनते हुए
डेनमार्क में पहली बार तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो कि 1874 से मौसम के रिकॉर्ड के अनुसार सबसे अधिक है। स्विट्जरलैंड के बेसल में 38.8 डिग्री और चेक गणराज्य के डोक्सानी में 40.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। ब्रिटेन में भी जून का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया, जहां तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
फ्रांस में स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव
फ्रांस में स्थिति गंभीर
फ्रांस में भी हीटवेव का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। कई क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ा है। पेरिस के अस्पतालों में गर्मी से बीमार मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले सप्ताह से अब तक सामान्य अनुमान की तुलना में लगभग 1,000 अतिरिक्त मौतें हुई हैं, जिनमें अधिकांश 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग हैं।
इटली और ब्रिटेन में रेड अलर्ट
इटली और ब्रिटेन में स्थिति
इटली ने 18 प्रमुख शहरों में रेड हीट अलर्ट जारी किया है। लोग गर्मी से बचने के लिए फव्वारों और छायादार स्थानों का सहारा ले रहे हैं। ब्रिटेन में कुछ क्षेत्रों में तापमान में थोड़ी राहत की संभावना है, लेकिन कई जगहों पर एम्बर हीट वार्निंग अभी भी प्रभावी है।
WHO की चेतावनी
WHO की गंभीर चेतावनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने यूरोप में जारी गर्मी को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बताया है। संगठन के अनुसार, 21 जून के बाद से हीटवेव के कारण 1,300 से अधिक अतिरिक्त मौतें हुई हैं। WHO ने इसे 'साइलेंट किलर' कहा है, जो विशेष रूप से बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।