योगी आदित्यनाथ का नवाचार और अनुसंधान पर जोर, भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने की अपील
मुख्यमंत्री का नवाचार के प्रति आह्वान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवा वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों से आग्रह किया है कि वे नवाचार और अनुसंधान को राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण से जोड़ें। उन्होंने कहा कि भारत में विज्ञान, कृषि, चिकित्सा, उद्यमिता, आयुर्वेद और पारंपरिक ज्ञान के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। शनिवार को विज्ञान भारती के सातवें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि अनुसंधान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य आर्थिक विकास और लोककल्याण होना चाहिए।
काशी में विज्ञान भारती का अधिवेशन
मुख्यमंत्री ने खुशी व्यक्त की कि विज्ञान भारती का यह अधिवेशन ज्ञान की पावन भूमि काशी में हो रहा है, जिसमें 1300 से अधिक प्रतिनिधियों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना को भी याद किया, जिसका उद्देश्य काशी को उसकी प्राचीन ज्ञान और विज्ञान की पहचान दिलाना था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान का समन्वय भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा
योगी ने बताया कि आधुनिक विज्ञान की यात्रा लगभग 400-500 वर्षों की है, जबकि भारत हजारों वर्षों से ज्ञान और नवाचार का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि 2000 वर्ष पूर्व भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में 44-45 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो स्वतंत्रता के समय घटकर 1.5 से 2 प्रतिशत रह गई। उन्होंने भारतीय किसानों की वैज्ञानिक सोच और पारंपरिक कृषि पद्धतियों का उल्लेख किया, जो प्राकृतिक खेती और भूमि की उर्वरता बनाए रखने में सहायक थीं।
आत्मनिर्भरता और सस्टेनेबल डेवलपमेंट
मुख्यमंत्री ने भारतीय व्यापारियों और कारीगरों की भूमिका को भी रेखांकित किया, जो केवल व्यापार नहीं करते थे, बल्कि देश को जोड़ने का कार्य करते थे। उन्होंने महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके प्रयोगों ने साबित किया कि पौधों में भी संवेदनशीलता होती है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को कमतर दिखाने के प्रयासों ने समाज को अपनी जड़ों से दूर किया है।
सरकार की पहल और भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 में सरकार बनने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में परंपरागत उद्यमों को पुनर्जीवित करने का अभियान शुरू किया गया। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के माध्यम से कारीगरों को तकनीक और मार्केटिंग से जोड़ा गया, जिससे प्रदेश का निर्यात 86 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
युवाओं के लिए अनुसंधान के अवसर
योगी ने युवा वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि, चिकित्सा, तकनीक, एमएसएमई और विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान के अनगिनत अवसर हैं। उन्होंने विज्ञान भारती को सुझाव दिया कि नवाचार प्रदर्शनी आयोजित की जाए और उत्कृष्ट शोधकर्ताओं को सम्मानित किया जाए।