योगी आदित्यनाथ ने 4,60,559 छात्रों के खातों में भेजे ₹148 करोड़
मुख्यमंत्री का छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पूर्व सरकार पर आरोप लगाया कि 2016-17 में अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति का वितरण नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने छात्रों की छात्रवृत्ति का भी दुरुपयोग किया। 2017 में सत्ता में आने के बाद, पिछली बकाया छात्रवृत्तियों का वितरण किया गया। अब, डीबीटी प्रणाली के माध्यम से छात्रवृत्ति का पूरा पैसा सीधे छात्रों के खातों में पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने लोकभवन सभागार में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति वितरण कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने एक क्लिक के माध्यम से 4,60,559 छात्रों के बैंक खातों में ₹148 करोड़ से अधिक की राशि भेजी। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और इस वर्ष 70 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है।
पिछले वर्ष 69 लाख छात्रों को मिली छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष 69 लाख छात्रों को ₹6,200 करोड़ की छात्रवृत्ति दी गई। 2017 से पहले इस मद में लगभग ₹2,900 करोड़ खर्च होते थे। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पात्र छात्रों को 26 जनवरी तक छात्रवृत्ति पहुंचाई जाए। पिछले वर्ष तकनीकी समस्याओं के कारण वंचित चार लाख छात्रों को भी लाभ दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र की पढ़ाई धन के अभाव में नहीं रुकनी चाहिए। समय पर धन पहुंचाने के लिए कोई कमी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि छात्रवृत्ति की राशि का सही उपयोग करें और अच्छी किताबें खरीदकर अपना बुक बैंक तैयार करें।
पारिवारिक राजनीति पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के लिए उनका परिवार ही प्रदेश बन गया था, वे 25 करोड़ लोगों के बारे में कैसे सोच सकते थे। इसी कारण उत्तर प्रदेश पिछड़ गया। छात्र परेशान थे, युवा संकट में थे और बेटियों तथा व्यापारियों की सुरक्षा खतरे में थी।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले युवाओं को पहचान का संकट था। दंगे होते थे, कर्फ्यू लगते थे और गुंडागर्दी आम थी। अब उत्तर प्रदेश एक समृद्ध राज्य है और देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन है। उन्होंने कहा, “अब यूपी में सब चंगा है, न कर्फ्यू, न दंगा।”
नौकरियों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य है। परीक्षाएं चल रही हैं और परिणाम आ रहे हैं।
स्कूलों में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले बेसिक शिक्षा में ड्रॉपआउट दर 19 से 20 प्रतिशत थी। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते और स्वेटर के लिए धनराशि दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि सभी 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय चल रहे हैं, जहां 18 हजार श्रमिक और निराश्रित बच्चे पढ़ रहे हैं। 746 विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित हैं। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 2,300 से अधिक विद्यालयों में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।
युवाओं की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। 15 से 18 वर्ष के छात्र 2047 में देश की कार्यशक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। विकसित भारत के निर्माण में उनकी बड़ी भूमिका होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने का लक्ष्य है, जिनमें से 60 लाख को मिल चुके हैं। मेधावी बेटियों को अगले महीने 50 हजार स्कूटी देने की योजना है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से स्नातक तक ₹25 हजार की सहायता दी जा रही है।
अल्पसंख्यकों के लिए शिक्षा
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में अल्पसंख्यक समाज के 39 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई है। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के माध्यम से अल्पसंख्यकों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया।
युवाओं पर निवेश
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री युवाओं पर निवेश को देश पर निवेश मानते हैं। तकनीकी खामियों के कारण छात्रवृत्ति से छूटे विद्यार्थियों को अभियान चलाकर जोड़ा गया है। उन्होंने युवाओं से हुनर, अनुशासन और मेहनत को अपनी ताकत बनाने की अपील की।
सामाजिक न्याय का संकल्प
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि 4,60,559 लाभार्थियों में 2,23,615 पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी हैं। वर्ष 2025-26 में 36.75 लाख ओबीसी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय का संकल्प बताया।
समय पर छात्रवृत्ति
राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि पहले छात्रवृत्ति के लिए ज्ञापन देना पड़ता था, अब विद्यार्थियों को समय पर इसका लाभ मिल रहा है। सरकार अल्पसंख्यक युवाओं को शिक्षा और कौशल से आगे बढ़ने के अवसर दे रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोग
कार्यक्रम में ओम प्रकाश राजभर, असीम अरुण, नरेंद्र कुमार कश्यप, संजीव गोंड, दानिश आजाद अंसारी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, विधायक जय देवी, श्याम देश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।