योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में 278 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया
मुख्यमंत्री का विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कुशीनगर में 424 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 278 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। यह भव्य कार्यक्रम अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद तमकुही राज और पावा नगर की पवित्र भूमि पर आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया।
फाजिलनगर का नाम बदलकर 'पावागढ़' करने की घोषणा
सीएम योगी ने विपक्षी सरकारों के दौरान पहचान के संकट, जंगल पार्टी के आतंक और विभिन्न माफियाओं के राज को समाप्त करने के लिए अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों की मांग को स्वीकार करते हुए उन्होंने फाजिलनगर का नाम बदलकर 'पावागढ़' करने का आधिकारिक प्रस्ताव रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने मच्छरों और माफियाओं दोनों का इलाज कर उन्हें जड़ से समाप्त किया है। अब न तो बीमारी है और न ही अपराध।
जनपद कुशीनगर के विकास को नई गति प्रदान करने हेतु विभिन्न जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम में… https://t.co/ZOIjIQOrRY
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 2, 2026
सीएम योगी ने पुरानी स्थिति को याद करते हुए बताया कि लगभग नौ-दस साल पहले कुशीनगर पहचान और बीमारी के संकट से जूझ रहा था। उस समय यहां खनन माफिया, बालू माफिया और 'जंगल पार्टी' का आतंक था। आज की युवा पीढ़ी शायद उस खौफ और अराजकता को नहीं जानती होगी। इसके अलावा, इंसेफ्लाइटिस जैसी गंभीर बीमारी ने यहां के बच्चों की जानें ले ली थीं और स्वास्थ्य व्यवस्था भी बदहाल थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले किसानों की स्थिति बहुत खराब थी। गन्ने की पर्ची तक नहीं मिलती थी और मिलने पर घटतौली का सामना करना पड़ता था। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने आजादी के बाद राम मंदिर के निर्माण में बाधा डाली और समाजवादी पार्टी तो रामद्रोही है। उन्होंने याद दिलाया कि 498 वर्ष पहले एक विदेशी आक्रांता ने मंदिर को तोड़ा था, लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार बनने के बाद ही राम भक्तों का संकल्प पूरा हो सका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 से पहले तमकुहीराज और फाजिलनगर के नाम पर केवल मजाक होता था। उन्होंने मंच से घोषणा की कि फाजिलनगर के विधायक और सांसद की मांग पर सरकार ने इसके नामकरण का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अब इसे फाजिलनगर नहीं कहा जाएगा, बल्कि भगवान महावीर के नाम से जोड़कर 'पावागढ़' के रूप में नई आधिकारिक मान्यता दी जाएगी।