योगी आदित्यनाथ ने पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत समारोह में दी प्रेरणादायक बातें
लखनऊ में दीक्षांत समारोह का आयोजन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरक्षी प्रशिक्षण के दौरान बेटियों की दृढ़ता, तत्परता, समर्पण और अनुशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि अनुशासन और टीमवर्क की भावना सबसे बड़ी ताकत है। वर्दीधारी बल का मुख्य उद्देश्य देश के प्रति उत्कृष्ट योगदान देना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान जितना पसीना बहाया जाएगा, उतना ही जीवन में कम खून बहाने की संभावना बढ़ती है।
पुलिस आरक्षियों का दीक्षांत समारोह
सीएम योगी ने रविवार को 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस की सीधी भर्ती के तहत वर्ष 2025 बैच के पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित किया। इस कार्यक्रम का आयोजन रिजर्व पुलिस लाइन में हुआ, जहां उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली।
उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिला आरक्षियों को बधाई दी और कहा कि सभी ने कठिन प्रशिक्षण में लगन और अनुशासन के साथ भाग लिया है। अब उन्हें जनपदों में फील्ड ड्यूटी पर जाना है। उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपराधियों के लिए कठोर होना चाहिए, जबकि नागरिकों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।
पुलिस प्रशिक्षण में सुधार
सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश के 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, 73 जनपदों की पुलिस लाइंस, 29 पीएसी बटालियनों और 112 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटरों में एक साथ आरक्षी दीक्षांत परेड का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 15 जून 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 60,244 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए थे और 21 जुलाई से इनका प्रशिक्षण शुरू हुआ। उन्होंने विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों का दौरा किया और देखा कि प्रशिक्षण और सुविधाएं पहले से बेहतर हुई हैं।
पुलिस बल की क्षमता में वृद्धि
सीएम ने कहा कि 2017 से पहले यूपी पुलिस को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब इसे देश के बेहतरीन पुलिस बल के रूप में स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि 2017 में पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता केवल 3,000 थी, जबकि अब 60,244 पुलिस आरक्षियों का प्रशिक्षण एक साथ किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि 2017 से पहले पुलिस बैरक टूटे-फूटे थे, लेकिन अब 55 जनपदों में हाईराइज भवन बन चुके हैं। प्रशिक्षण केंद्रों में सुधार किया गया है और हर प्रशिक्षु को आधारभूत और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया है।
मिशन कर्मयोगी और यूपी पुलिस की उपलब्धियां
सीएम योगी ने मिशन कर्मयोगी के तहत यूपी पुलिस की उपलब्धियों का जिक्र किया और बताया कि हाल में शासकीय कर्मचारियों ने 1.25 करोड़ कोर्स पूरे किए हैं। यूपी पुलिस ने इसमें 28 लाख कोर्स पूरे किए हैं।
उन्होंने कहा कि यूपी एटीएस को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है और साइबर थानों की स्थापना के साथ पुलिस कर्मियों को आधुनिक साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
यूपी पुलिस का नया दृष्टिकोण
सीएम ने कहा कि अब यूपी पुलिस देश में एक मॉडल और 'स्मार्ट' पुलिस बल बन चुकी है। उन्होंने बताया कि अब यूपी में दंगे नहीं होते और अपराधियों में भय है। 2017 से पहले की स्थिति को याद करते हुए उन्होंने कहा कि अब यूपी पुलिस दंगों को रोकने में सफल हो रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि 2019-20 से मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा और सम्मान के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं।
यूपी पुलिस की बेहतरी के लिए निरंतर प्रयास
सीएम योगी ने कहा कि यूपी को 'लॉ एंड ऑर्डर' का आदर्श मॉडल बनाने के लिए पुलिस बल की कार्यक्षमता को बेहतर करने के लिए सीधी भर्ती प्रक्रिया को रिकॉर्ड स्तर पर संपन्न किया गया है। उन्होंने बताया कि 2017 की तुलना में यूपी पुलिस के बजट को तीन गुना से अधिक बढ़ाया गया है।
समारोह में राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण आदि उपस्थित थे।