योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावे विवाद पर की स्पष्टता, जांच को लेकर दी अपील
मुख्यमंत्री का बयान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद पर स्पष्टता दी। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) निष्पक्षता से कार्य कर रहा है और सभी पक्षों से अपील की कि वे जांच पूरी होने तक बयानबाजी से बचें। यदि किसी के पास कोई ठोस सबूत है, तो उसे एसआईटी को सौंपना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में 245 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान कहा कि रामभक्तों ने 500 वर्षों तक धैर्य और संघर्ष के साथ प्रभु राम के मंदिर के लिए प्रयास किए हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और जांच एजेंसी अपना कार्य कर रही है।
योगी ने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि जो लोग अतीत में रामभक्तों पर गोली चलाने के लिए जाने जाते थे, वे अब रामभक्ति का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अयोध्या को वैश्विक पहचान नहीं देना चाहते थे और आज भी इसकी उपलब्धियों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
सीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले लोग अब रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या से दूरी बनाए रखी, वे अब इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अयोध्या अब दुनिया के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में अपनी पहचान बना रही है। सोलर सिटी, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, चौड़ी सड़कें और परिक्रमा मार्गों का विकास इसकी नई पहचान बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को अयोध्या का यह बदलता स्वरूप पसंद नहीं आ रहा है, इसलिए वे इसकी छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के उद्घाटन और वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के सम्मान को समर्पित है और इसी भावना से विभिन्न योजनाओं और संस्थानों का नामकरण महान विभूतियों के नाम पर किया गया है।