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योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में चिकित्सा संस्थान के स्थापना दिवस पर नई सुविधाओं का उद्घाटन किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के छठे स्थापना दिवस पर नई चिकित्सा सुविधाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर 194 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने संस्थान की प्रगति की सराहना की और कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना बढ़ाने में सफलता मिली है। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान के महत्व पर भी जोर दिया।
 

मुख्यमंत्री का उद्घाटन समारोह


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के छठे स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने ऑर्गन ट्रांसप्लांट यूनिट समेत कई नई चिकित्सा सुविधाओं का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में 194 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए। इसके साथ ही, संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्यों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि, पिछले 6 वर्षों में संस्थान ने चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।


मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया। उन्होंने ऑर्गन ट्रांसप्लांट यूनिट समेत नई चिकित्सा सुविधाओं का उद्घाटन किया।

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— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) September 13, 2026



मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, आज हमने डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की प्रगति में योगदान देने वाले उन सभी लोगों को सम्मानित किया है, जिनकी मेहनत से यह संस्थान नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया के चलते हम नए टेक्नीशियंस और फैकल्टी मेंबर्स को सम्मानपूर्वक नियुक्ति पत्र प्रदान कर रहे हैं।


उन्होंने यह भी बताया कि, पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना बढ़ाने में सफलता मिली है। अब यूपी के नागरिकों के सामने पहचान का कोई संकट नहीं है। वर्तमान समय तकनीक, अनुसंधान और नवाचार का है। चिकित्सा क्षेत्र में हमें हीलिंग, लर्निंग और डिस्कवरी को एक साथ लेकर चलना होगा, तभी कोई चिकित्सा संस्थान वास्तव में क्लिनिकल, एकेडमिक और रिसर्च एक्सीलेंस का केंद्र बन सकता है।