रक्षा मंत्री ने पूर्व सैनिकों के साहस और बलिदान को किया याद
सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस पर विशेष संबोधन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर भारतीय सेनाओं के अद्वितीय साहस और पराक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि कई सैनिकों ने अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण दिखाते हुए वीरगति प्राप्त की, और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि भारतीय सेना के कई वीर जवानों ने 1987 से 1990 के बीच श्रीलंका में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए चलाए गए 'ऑपरेशन पवन' में सर्वोच्च बलिदान दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार 'ऑपरेशन पवन' में भाग लेने वाले शांति सैनिकों के योगदान को न केवल स्वीकार कर रही है, बल्कि उनकी मान्यता की प्रक्रिया भी जारी है।' उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में श्रीलंका यात्रा के दौरान भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
उन्होंने आगे कहा, 'मैं उन सभी पूर्व सैनिकों को याद करना चाहता हूं जिन्होंने लगभग 40 साल पहले श्रीलंका में शांति स्थापना के लिए सैन्य अभियान में भाग लिया। उस समय भारतीय सेनाओं को भेजने का निर्णय विवादास्पद हो सकता है, लेकिन 'ऑपरेशन पवन' में भाग लेने वाले सैनिकों की उपेक्षा उचित नहीं थी।'
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि रिटायरमेंट केवल एक शब्द है, असल में कोई सैनिक कभी रिटायर नहीं होता। उन्होंने कहा, 'आपकी सेवा समाप्त नहीं होती, आपकी देशभक्ति और सेवा की भावना हमेशा बनी रहती है।'
उन्होंने पूर्व सैनिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने उनके लिए कई ठोस फैसले लिए हैं, जिसमें 'वन रैंक, वन पेंशन' की मांग को पूरा करना शामिल है। इससे पूर्व सैनिकों के जीवन में वित्तीय स्थिरता आई है।
राजनाथ सिंह ने सभी पूर्व सैनिकों को बधाई देते हुए कहा कि वे केवल रिटायर सैनिक नहीं हैं, बल्कि हमारे राष्ट्रीय चेतना के जीवंत स्तंभ हैं।