रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान: पीओके भारत का हिस्सा है
रक्षा मंत्री का स्पष्ट संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को स्पष्ट किया कि भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर बातचीत करेगा, लेकिन अन्य मुद्दों पर नहीं। द्रास में करगिल विजय दिवस समारोह में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि भविष्य में पाकिस्तान के साथ संवाद केवल उस क्षेत्र के मुद्दे पर होगा, जो भारत का अभिन्न हिस्सा है। इस अवसर पर, उन्होंने लद्दाख के द्रास में करगिल युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
भारत आतंकवाद के खिलाफ दृढ़
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने आॅपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादियों को कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की संप्रभुता को खतरे में डालने वाले हर प्रयास का सशस्त्र बल मुंहतोड़ जवाब देंगे।
पाकिस्तान की गतिविधियाँ
उन्होंने यह भी बताया कि जबकि भारत अंतरिक्ष में सैटेलाइट भेज रहा है, पाकिस्तान आतंकवादियों को सीमा पार भेजने का कार्य कर रहा है। भारत सॉफ्टवेयर का योगदान दे रहा है, वहीं पाकिस्तान स्लीपर सेल का निर्माण कर रहा है।
भारत और पाकिस्तान की तुलना
राजनाथ ने कहा कि भारत डेटा सेंटर बना रहा है, जबकि पाकिस्तान रेडिकल सेंटर स्थापित कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सैनिकों की असली ताकत समाज की सीमाओं से ऊपर उठने की क्षमता में है, जो उन्हें कारगिल जैसे युद्ध जीतने में मदद करती है।
कारगिल युद्ध का इतिहास
कारगिल युद्ध 5 मई 1999 को पाकिस्तान की घुसपैठ के बाद शुरू हुआ और यह लगभग 84 दिनों तक चला। यह युद्ध 26 जुलाई 1999 को भारत की जीत के साथ समाप्त हुआ। हर साल इस दिन को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसमें भारतीय सैनिकों के बलिदान को याद किया जाता है।