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रजनी बेक्टर: 300 रुपये से शुरू कर 7000 करोड़ की कंपनी बनाने की प्रेरक कहानी

रजनी बेक्टर की कहानी एक प्रेरणा है, जिन्होंने 300 रुपये से अपने खाद्य कारोबार की शुरुआत की और आज उनकी कंपनी का मूल्य 7000 करोड़ रुपये है। विभाजन के समय कराची से भारत आई रजनी ने लुधियाना में एक कारोबारी परिवार में नई जिंदगी शुरू की। उन्होंने अपने पाक-कला के हुनर को निखारते हुए आइसक्रीम से शुरुआत की और धीरे-धीरे ब्रेड, बिस्किट और सॉस जैसे उत्पादों में कदम रखा। उनके पति के समर्थन से उन्होंने अपने ब्रांड 'क्रेमिका' की स्थापना की, जो आज एक बड़े खाद्य व्यवसाय में तब्दील हो चुका है। 2021 में उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया।
 

रजनी बेक्टर का अद्भुत सफर

लुधियाना: भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय, कई परिवारों को अपने घरों को छोड़कर भारत आना पड़ा। इनमें से एक परिवार था रजनी बेक्टर का, जो कराची से भारत आया। रजनी ने लुधियाना में एक कारोबारी परिवार में नई जिंदगी की शुरुआत की और अपने कौशल और मेहनत से खाद्य उद्योग में एक अलग पहचान बनाई।


शादी के बाद भी शिक्षा का महत्व

कराची में जन्मी रजनी की शादी लुधियाना के एक कारोबारी परिवार में हुई। शादी और बच्चों की जिम्मेदारियों के बावजूद, उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। जब उनके बच्चे बड़े होकर बोर्डिंग स्कूल चले गए, तब रजनी ने पाक-कला में अपने कौशल को निखारने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय से बेकरी का कोर्स किया, जिससे उनकी बेकिंग में रुचि और बढ़ गई।


300 रुपये से कारोबार की शुरुआत

रजनी की बेकिंग रेसिपी धीरे-धीरे दोस्तों और पड़ोसियों में लोकप्रिय होने लगी। उनकी प्रशंसा ने उन्हें अपना छोटा सा कारोबार शुरू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने केवल 300 रुपये से शुरुआत की और इसी राशि से एक ओवन खरीदा। पहले उन्होंने घर से आइसक्रीम बनाकर बेचना शुरू किया।


पति का समर्थन

शुरुआत में कारोबार चल तो पड़ा, लेकिन मुनाफा नहीं हो रहा था। इस कठिन समय में उनके पति धर्मवीर बेक्टर ने उनका साथ दिया। 1978 में, उन्होंने रजनी को 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी, जिससे वह अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकीं। रजनी ने अपने ब्रांड का नाम ‘क्रेमिका’ रखा, और इसके बाद कारोबार ने तेजी से रफ्तार पकड़ी।


आइसक्रीम से बिस्किट और ब्रेड तक

रजनी ने आइसक्रीम के बाद ब्रेड, बिस्किट और सॉस जैसे उत्पादों की ओर कदम बढ़ाया। जैसे-जैसे कारोबार बढ़ा, उन्होंने उत्पादन और वितरण का दायरा भी बढ़ाया।


ब्रेड यूनिट की स्थापना

1985 में, रजनी ने पंजाब में ब्रेड बनाने की एक यूनिट की स्थापना की। प्रारंभ में, यहां प्रतिदिन लगभग 5,000 ब्रेड तैयार होती थीं, जो बाद में बढ़कर 50,000 ब्रेड प्रतिदिन तक पहुंच गई। इस विस्तार के साथ, उनका घरेलू स्तर से शुरू हुआ कारोबार एक बड़े खाद्य व्यवसाय में बदल गया।


क्रेमिका और इंग्लिश ओवन

बाद में, क्रेमिका ब्रांड ने बिस्किट और अन्य खाद्य उत्पादों में अपनी पहचान बनाई। कंपनी ने ‘इंग्लिश ओवन’ नाम से बेकरी ब्रांड भी शुरू किया, जिसके तहत ब्रेड और प्रीमियम बेकरी उत्पाद बाजार में उतारे गए। इस तरह, रजनी बेक्टर का कारोबार आइसक्रीम से बढ़कर एक बड़े खाद्य एवं बेकरी व्यवसाय में तब्दील हो गया।


पद्म श्री से सम्मानित

रजनी बेक्टर के कारोबारी सफर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। 2021 में, भारत सरकार ने उन्हें व्यापार और उद्योग में योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया। इस सम्मान के बाद, उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।


सफलता की प्रेरणा

300 रुपये से शुरू हुआ यह सफर इस बात का प्रमाण है कि छोटे स्तर से शुरू किया गया काम भी मेहनत, कौशल और निरंतर प्रयास से बड़े कारोबार का रूप ले सकता है। हालांकि, कंपनी के मौजूदा कारोबार, वैश्विक पहुंच और मूल्यांकन से जुड़े आंकड़े विभिन्न स्रोतों में भिन्न हो सकते हैं।