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रसोई गैस संकट पर TMC सांसद का अनोखा विरोध, संसद में सिलेंडर टी-शर्ट पहनकर पहुंचे

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण रसोई गैस की कमी पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने संसद में सिलेंडर प्रिंटेड टी-शर्ट पहनकर विरोध किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सागरिका घोष ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस संकट को स्वीकार नहीं कर रही है और नागरिकों की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और विपक्ष ने किस तरह से सरकार को घेरा है।
 

रसोई गैस संकट पर विपक्ष का हमला


नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण देशभर में रसोई गैस की कमी को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने शुक्रवार को संसद परिसर में एलपीजी सिलेंडर प्रिंटेड टी-शर्ट पहनकर अपनी नाराजगी जताई। उनका यह अनोखा प्रदर्शन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। यह वीडियो उस समय सामने आया है जब विपक्ष रसोई गैस संकट को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।




सरकार की वास्तविकता से दूरी पर सवाल उठाते हुए सागरिका घोष


राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस की उपनेता सागरिका घोष ने गुरुवार को सरकार पर आरोप लगाया कि वह ‘एलपीजी की कमी’ को स्वीकार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वास्तविकता से पूरी तरह कटी हुई है और नागरिकों की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है। घोष ने यह भी कहा कि सरकार संकट का बोझ आम जनता पर डालने की कोशिश कर रही है। देशभर में छोटे भोजनालय, रेस्तरां, लघु उद्योग, श्रमिक, गृहिणी, वरिष्ठ नागरिक और छात्र सभी इस गंभीर गैस संकट का सामना कर रहे हैं।


टीएमसी का आरोप: सरकार हकीकत को स्वीकारने को तैयार नहीं


घोष ने कहा कि मोदी सरकार इस संकट को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है और नागरिकों को घबराने के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ने आवश्यक सामग्री का भंडारण क्यों नहीं किया। जब एलपीजी की कमी की आशंका थी, तो सरकार ने इसके लिए कोई उचित योजना क्यों नहीं बनाई?


संसद में चर्चा की कमी पर सवाल


घोष ने यह भी कहा कि यह केवल गैस की कमी का मामला नहीं है, बल्कि मोदी सरकार की कई विफलताओं का परिणाम है। तृणमूल ने बुधवार को मोदी सरकार द्वारा पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में भाग नहीं लिया और सवाल किया कि जब संसद का सत्र चल रहा है, तो सदन में चर्चा क्यों नहीं हो रही है।