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रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला, पुलिस जांच में जुटी

रांची में आरएसएस कार्यालय पर मंगलवार रात पेट्रोल बम से हमले का प्रयास किया गया, जिसमें कोई नुकसान नहीं हुआ। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, आरएसएस कार्यालय और एक होटल के बीच विवाद चल रहा था। भाजपा नेताओं ने घटना की निंदा की और राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
 

रांची में आरएसएस कार्यालय पर हमला


रांची के निवारणपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यालय पर मंगलवार रात को पेट्रोल बम से हमला करने का प्रयास किया गया। दो हमलावरों ने कार्यालय को निशाना बनाते हुए दो पेट्रोल बम फेंके, लेकिन ये बम कार्यालय परिसर तक नहीं पहुंच सके, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ। इस घटना का पूरा विवरण सीसीटीवी में कैद हो गया है और रांची पुलिस मामले की जांच कर रही है।


पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मंगलवार रात दो अज्ञात युवक पेट्रोल बम फेंकने के लिए कार्यालय परिसर में पहुंचे थे। जांच में पता चला है कि चिली सॉस की बोतलों में पेट्रोल भरकर बम बनाए गए थे। इनमें से एक बम बाउंड्री के पास गिरा, जबकि दूसरा भी कार्यालय तक नहीं पहुंच सका, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ।


रांची के एसपी सिटी पारस राणा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक की जांच में दो युवकों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस को आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी मिली है, जिसमें संदिग्ध युवक पेट्रोल बम फेंकने का प्रयास करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।


जांच के दौरान कुछ स्थानीय कारण भी सामने आए हैं। क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि आरएसएस कार्यालय और पास के एक होटल के बीच विवाद चल रहा था। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।


घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी सहित कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता आरएसएस कार्यालय पहुंचे। भाजपा नेताओं ने इस घटना की निंदा की और राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए, साथ ही दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।


वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जल्द ही घटना में शामिल लोगों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।