रांची में छात्र आंदोलन: JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर बढ़ा तनाव
रांची में छात्र आंदोलन की ताजा जानकारी
झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का बड़ा आंदोलन चल रहा है। हजारों छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य सरकार के साथ छात्रों की बातचीत हुई है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है और उनके सदस्य रांची पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों की तबीयत बिगड़ गई, जिससे उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। इसी बीच, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने की घटना भी हुई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्रदर्शन के दौरान एक छात्र हुआ बेहोश
शुक्रवार को छात्र आंदोलन के दौरान ब्रजकिशोर नामक एक छात्र अचानक बेहोश हो गया। अन्य छात्रों और पुलिसकर्मियों ने उसकी मदद की और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इससे पहले भी एक अन्य छात्र राहुल बेहोश हो गया था, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। छात्रों की तबीयत बिगड़ने की घटनाओं ने आंदोलन में शामिल युवाओं की चिंता बढ़ा दी है।
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही
छात्र आंदोलन के बीच एक महत्वपूर्ण घटना तब हुई जब AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं। वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनका विरोध किया और उन पर स्याही फेंक दी। इस घटना के बाद थोड़ी देर के लिए प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाल लिया।
लेफ्ट नेताओं की एंट्री के बाद बढ़ा विरोध
जानकारी के अनुसार, JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर चल रहा आंदोलन अब तक किसी राजनीतिक दल से दूर था। लेकिन जब लेफ्ट छात्र संगठन की नेता वहां पहुंचीं, तो कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नेहा बोरा के पहुंचते ही कुछ प्रदर्शनकारी नाराज हो गए और उन पर स्याही फेंक दी। इस घटना ने आंदोलन का माहौल और भी तनावपूर्ण बना दिया।
JPSC-JSSC आंदोलन पर बढ़ी सियासी चर्चा
नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना के बाद JPSC-JSSC आंदोलन फिर से चर्चा में आ गया है। यह आंदोलन अब केवल भर्ती परीक्षा के मुद्दे तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके बाद राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं, जबकि प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।