राघव चड्ढा का नाम वोटर लिस्ट से हटने पर सियासी हलचल
पंजाब में चुनावी माहौल गरमाया
राघव चड्ढा और वोटर लिस्ट विवाद: पंजाब में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले, चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे SIR अभियान के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई है, जिसमें भाजपा के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम हटने से राजनीतिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं। इस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदम्बरम ने चुटकी लेते हुए कहा कि वे अकेले नहीं हैं, जिनका नाम वोटर लिस्ट से हटाया गया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदम्बरम ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'मैंने कल अपने मित्र राघव चड्ढा को भारत के नॉन-वोटिंग नागरिक बनने पर बधाई दी! वे अकेले नहीं हैं। भारत के चुनाव आयोग ने वयस्क जनसंख्या के 10 प्रतिशत को नॉन-वोटिंग नागरिक घोषित कर दिया है!' इससे पहले, राघव चड्ढा ने आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी, आम आदमी पार्टी, बदले की भावना से काम कर रही है।
Yesterday, I congratulated my friend Mr Raghav Chaddha on becoming a non-voting citizen of India!
He is not alone
Fully 10 per cent of the adult population of India have been declared non-voting citizens by the Election Commission of India!@Raghav Chaddha MP
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) September 4, 2026
राघव चड्ढा ने गुरुवार को एक पोस्ट में लिखा, 'पंजाब में AAP सरकार ने अब बदले की राजनीति को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट तक पहुंचा दिया है। मैं पंजाब से राज्यसभा का सांसद हूँ और मेरा वोटर ID मोहाली में रजिस्टर्ड है। फिर भी, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मेरा नाम 'शिफ़्टेड' के रूप में दिखाया गया है।'
उन्होंने आगे कहा, 'अच्छी बात यह है कि ये केवल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट हैं, फाइनल वोटर लिस्ट नहीं। 'दावे और आपत्तियों' की प्रक्रिया के दौरान नामों में सुधार किया जाएगा, और यह प्रक्रिया अभी चल रही है। फाइनल वोटर लिस्ट अक्टूबर 2026 में जारी की जाएगी। मैं पहले ही SIR गाइडलाइंस के तहत उपायों का उपयोग करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका हूँ।'
आप ने भाजपा सांसद के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया चुनाव आयोग के अधीन है और पंजाब सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है।