राघव चड्ढा ने AAP छोड़ने के कारणों का किया खुलासा, बताया 'टॉक्सिक वर्क एनवायरमेंट'
राघव चड्ढा का AAP से बीजेपी में शामिल होने का निर्णय
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए सांसद राघव चड्ढा ने पहली बार स्पष्ट रूप से बताया है कि उन्होंने AAP से संबंध क्यों तोड़ा। आज अपने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में राघव ने कहा कि पार्टी का माहौल अब पहले जैसा नहीं रहा और वहां “टॉक्सिक वर्क एनवायरमेंट” बन गया था। राघव चड्ढा ने कहा कि राजनीति में आने से पहले वह एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) थे और उनके पास एक बेहतर करियर का विकल्प था, लेकिन उन्होंने देश की सेवा के लिए राजनीति को चुना। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने जीवन के 15 साल पार्टी को समर्पित किए और उसे मेहनत, संघर्ष और समर्पण से खड़ा किया।
“AAP में बोलने से रोका जाता है”
राघव ने आगे कहा, “मैं अपना करियर बनाने के लिए राजनीति में नहीं आया था। मैं एक राजनीतिक पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना और अपने युवा जीवन के 15 साल इस पार्टी को दिए। लेकिन आज यह पार्टी पहले जैसी नहीं रही। यहां काम करने से रोका जाता है, संसद में बोलने से रोका जाता है और पार्टी कुछ भ्रष्ट लोगों के हाथों में फंस गई है, जो देश के लिए नहीं बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम कर रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें यह महसूस होने लगा था कि वह “एक गलत पार्टी में सही आदमी” बनकर रह गए हैं। राघव ने कहा कि उनके सामने तीन विकल्प थे—राजनीति छोड़ देना, पार्टी में रहकर बदलाव की कोशिश करना या फिर किसी अन्य पार्टी के साथ जुड़कर सकारात्मक राजनीति करना। उन्होंने कहा, “मैंने तीसरा विकल्प चुना। सिर्फ मैंने ही नहीं, मेरे साथ छह और सांसदों ने भी यही निर्णय लिया। एक व्यक्ति गलत हो सकता है, दो व्यक्ति गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोग गलत नहीं हो सकते।”
“जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे”
राघव चड्ढा ने आम जनता से यह भी कहा कि पार्टी बदलने के बावजूद वह जनता के मुद्दे पहले की तरह उठाते रहेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब वह केवल समस्याएं नहीं उठाएंगे, बल्कि उनके समाधान भी खोजने की कोशिश करेंगे। राघव का यह बयान AAP छोड़ने के बाद उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक सफाई मानी जा रही है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निर्णय व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि पार्टी के अंदर के माहौल से संबंधित था। कुछ दिन पहले ही आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद भाजपा में विलय हो गए थे। राघव चड्ढा के साथ अशोक मित्तल, संदीप पाठक, स्वाति मालिवाल, हर भजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता आदि बीजेपी में शामिल हुए थे।