राजपाल यादव को 9 करोड़ के कर्ज मामले में मिली तीन महीने की जेल
दिल्ली कोर्ट का फैसला
नई दिल्ली। राजपाल यादव को 10 जुलाई को दिल्ली की अदालत ने 9 करोड़ रुपये के कर्ज मामले में तीन महीने की जेल की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद, एमएस मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के वकील अवनीश सिक्का ने बताया कि अदालत ने राजपाल को यह सजा क्यों दी है।
सिक्का ने कहा कि इस मामले में राजपाल यादव ने कुल 21 मामले दायर किए थे, जिन्हें अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने राजपाल को तीन महीने की जेल और प्रत्येक मामले में 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है।
पत्नी राधा पर भी जुर्माना
पत्नी राधा भी भरेंगी 5-5 लाख जुर्माना
सिक्का ने आगे बताया कि राजपाल की पत्नी राधा भी सभी मामलों में आरोपी थीं। उन्हें भी हर मामले में पांच लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है। अदालत ने कहा कि राजपाल को कई बार अपने वादे पूरे करने और कंपनी का बकाया चुकाने का मौका दिया गया, लेकिन उन्होंने बार-बार आश्वासन देने के बावजूद भुगतान नहीं किया। अंतिम सुनवाई में राजपाल ने कहा था कि 'मैं एक पैसा नहीं दूंगा, चाहे मुझे पांच बार जेल क्यों न जाना पड़े।' सिक्का ने बताया कि राजपाल को दो महीने का समय भी दिया गया था कि या तो पैसे चुकाएं या सुप्रीम कोर्ट जाएं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
बिजनेसमैन का बयान
‘मैं राजपाल के आगे बच्चों की तरह रोया’
बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल, जिन्होंने राजपाल से 2012 में अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के लिए 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे, ने बताया कि उन्होंने राजपाल की पत्नी राधा के इमोशनल मैसेज के कारण यह लोन दिया था। अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने यह शर्त रखी थी कि पैसे लौटाए जाएंगे, चाहे फिल्म सफल हो या न हो।
अग्रवाल ने कहा कि राजपाल ने उन्हें व्यक्तिगत गारंटी दी थी और उन्होंने पूरी तरह से लोन दिया था, न कि निवेश। लेकिन तब से राजपाल पैसे लौटाने से इनकार कर रहे हैं। अग्रवाल ने बताया कि लोन देने के प्रारंभिक दौर में जब वह राजपाल के घर गए, तो उन्होंने बच्चों की तरह रोते हुए समझाया कि जो कर्ज उन्होंने राजपाल को दिया है, वह किसी और से लेकर दिया है। उन्होंने बार-बार राजपाल से यह पूछा कि उनके पैसे कब लौटाए जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।