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राजस्थान में मानव तस्करी का बड़ा खुलासा: नाबालिग लड़कियों को डांस बार में बेचा जा रहा था

राजस्थान के झालावाड़ और टोंक जिलों में एक बड़े मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें गरीब परिवारों की नाबालिग लड़कियों को मुंबई के डांस बारों में बेचने का मामला सामने आया है। पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 10 लड़कियों को सुरक्षित बचाया। यह रैकेट ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को निशाना बनाता था। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

राजस्थान में मानव तस्करी का मामला


राजस्थान: हाल ही में झालावाड़ और टोंक जिलों में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें गरीब परिवारों की नाबालिग लड़कियों को मुंबई के डांस बारों में भेजने और देह व्यापार के लिए बेचने वाले एक बड़े मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया गया है।


गिरफ्तार आरोपियों की संख्या

6 आरोपियों की गिरफ्तारी


झालावाड़ पुलिस ने मुंबई पुलिस के सहयोग से इस घिनौने धंधे में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी के दौरान 10 लड़कियों को सुरक्षित बचाया गया, जिनमें से 8 नाबालिग हैं और उनकी उम्र 2 से 10 साल के बीच है।


मानव तस्करी का नेटवर्क

जाल का विस्तार


यह रैकेट झालावाड़, टोंक और मुंबई तक फैला हुआ था। दलाल गरीब परिवारों को निशाना बनाते थे और उनकी बच्चियों को बेहतर जीवन का लालच देकर मुंबई के डांस बार में काम दिलाने का वादा करते थे। हर बच्ची का सौदा 25 से 35 लाख रुपये में किया जाता था।


डरावनी शर्तें

कानूनी दस्तावेजों का इस्तेमाल


इस रैकेट की एक चौंकाने वाली बात यह थी कि तस्कर कानूनी दस्तावेजों के रूप में स्टांप पेपर का उपयोग करते थे। पैसे देने से पहले लड़कियों के माता-पिता से दस्तखत और अंगूठे के निशान लिए जाते थे। इस अवैध सौदे में डरावनी शर्तें होती थीं, जैसे कि यदि लड़की भागने की कोशिश करती है, तो उसके माता-पिता को तस्करों को पूरा पैसा लौटाना होगा।


भंडाफोड़ की प्रक्रिया

गुप्त सूचना से कार्रवाई


झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक अमित बुढ़ानिया ने बताया कि स्थानीय बस्तियों से मिली सूचनाओं के आधार पर यह मामला सामने आया। कई बच्चियों के अचानक गायब होने की रिपोर्ट नहीं की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष एसआईटी का गठन किया गया और संदिग्धों के सोशल मीडिया अकाउंट्स और मोबाइल लोकेशंस को ट्रेस किया गया। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने मुंबई में छापेमारी की और इस रैकेट का पर्दाफाश किया। मुक्त कराई गई बच्चियों में से 5 टोंक और 4 झालावाड़ की निवासी हैं।