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राजेंद्र खड़गवंशी ने सपा में शामिल होकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में मचाई हलचल

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है जब गंगेश्वरी ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र खड़गवंशी ने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने का निर्णय लिया। उनकी पत्नी निर्वेश देवी के साथ सपा की सदस्यता ग्रहण करने से स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है। राजेंद्र खड़गवंशी, जो भाजपा विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी के छोटे भाई हैं, अब 42 हसनपुर विधानसभा सीट से टिकट पाने की कोशिश कर रहे हैं। इस कदम को आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
 

राजेंद्र खड़गवंशी का सपा में प्रवेश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। 42 हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के गंगेश्वरी ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र खड़गवंशी ने भाजपा को छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) का हाथ थाम लिया है। उन्होंने मंगलवार को अपनी पत्नी निर्वेश देवी के साथ सपा की सदस्यता ग्रहण की। निर्वेश देवी पूर्व ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं, जिससे इस निर्णय का स्थानीय राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है। राजेंद्र खड़गवंशी, भाजपा विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी के छोटे भाई हैं। वे 2021 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा के टिकट पर गंगेश्वरी से ब्लॉक प्रमुख बने थे, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 से पहले उनके अन्य दलों से संपर्क की चर्चाएं बढ़ गई थीं।


राजनीतिक हलकों में उनकी तस्वीरें पहले भी अखिलेश यादव के साथ देखी गई थीं, जब उन्होंने उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट किया था। इसके अलावा, अमरोहा लोकसभा सीट के गठबंधन में कांग्रेस के हिस्से जाने के बाद उन्होंने कांग्रेस नेताओं से भी संपर्क किया और टिकट की मांग की थी, लेकिन बाद में भाजपा कार्यक्रमों में भी नजर आए। सूत्रों के अनुसार, उनकी सपा में शामिल होने की योजना 16 अप्रैल को थी। इसके लिए वे 15 अप्रैल की रात लगभग 150 समर्थकों और 40 से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ लखनऊ पहुंचे थे, लेकिन अखिलेश यादव की व्यस्तता के कारण उस दिन औपचारिक सदस्यता नहीं हो सकी। अब उन्होंने आखिरकार सपा ज्वाइन कर ली है और पूरी तरह से ‘साइकिल’ पर सवार हो गए हैं।


उनकी नजर अब 42 हसनपुर विधानसभा सीट से टिकट प्राप्त करने पर है। इस क्षेत्र के जातीय समीकरण उनके पक्ष में माने जा रहे हैं, जहां लगभग 3.39 लाख मतदाता हैं, जिनमें खड़गवंशी समाज के लगभग 1.15 लाख, मुस्लिम मतदाता करीब 1.10 लाख और यादव मतदाता लगभग 10 हजार हैं। राजेंद्र खड़गवंशी का यह कदम हसनपुर की राजनीति में एक बड़ा बदलाव लाने की संभावना रखता है, जिसका प्रभाव आगामी चुनावों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है।