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राज्य सरकार ने सोलर पंप योजना के लाभार्थियों की सूची जारी की

राज्य सरकार ने सोलर पंप योजना के तहत लाभार्थियों की अंतिम सूची जारी की है, जिससे हजारों किसानों को डीजल और बिजली पर निर्भरता से राहत मिलेगी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को स्वच्छ ऊर्जा आधारित सिंचाई की सुविधा प्रदान करना है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सिंचाई खर्च में 60 से 70 प्रतिशत तक कमी आएगी। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को ध्यान में रखा गया है, और जिन किसानों का नाम सूची में नहीं आया है, उन्हें उनकी जमा राशि वापस की जाएगी। यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने और राज्य की अक्षय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि करने में मदद करेगा।
 

सोलर पंप योजना का लाभ

राज्य सरकार ने सोलर पंप योजना के तहत लाभार्थियों की अंतिम सूची को सार्वजनिक कर दिया है। यह सूची परिवार की वार्षिक आय के आधार पर तैयार की गई है। जिन आवेदकों का नाम इस सूची में शामिल है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सोलर पंप कनेक्शन प्रदान किया जाएगा।


किसानों को मिलेगी राहत

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस निर्णय से हजारों किसानों को डीजल और बिजली पर निर्भरता से राहत मिलेगी, जिससे खेती की लागत में सीधी बचत होगी।


सोलर पंप योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को स्वच्छ ऊर्जा आधारित सिंचाई की सुविधा प्रदान करना है। बढ़ती बिजली दरों और डीजल की कीमतों को देखते हुए, सरकार लंबे समय से सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित कर रही है।


सिंचाई खर्च में कमी

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर पंप से सिंचाई खर्च में 60 से 70 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसके अलावा, किसानों को दिन में कभी भी पानी उपलब्ध हो सकेगा, जिससे पर्यावरण पर दबाव भी कम होगा।


चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता

सरकार ने इस बार चयन में डिजिटल डेटा और परिवार आईडी को मुख्य आधार बनाया है। इससे अपात्र लाभार्थियों की पहचान करना आसान हुआ है और प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष बनी है।


अंतिम सूची में न आने वाले किसानों के लिए

जिन किसानों का नाम अंतिम सूची में नहीं आया है, उनके लिए राहत की खबर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवेदन के समय जमा की गई राशि वापस की जाएगी। रिफंड सीधे उसी बैंक खाते में भेजा जाएगा जिससे भुगतान किया गया था।


लाभार्थियों की जानकारी कैसे प्राप्त करें

चयनित किसान अपनी स्थिति जानने के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, जिला या ब्लॉक स्तर के कार्यालय, या ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन संख्या के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


आगे की प्रक्रिया

अब अगला चरण स्थल निरीक्षण और तकनीकी स्वीकृति का होगा। इसके बाद चयनित किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


महत्वपूर्ण निर्णय

यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने, बिजली आपूर्ति पर दबाव कम करने और राज्य की अक्षय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि करने में मदद करेगा। नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल होता है, तो भविष्य में इसका दायरा और बढ़ाया जा सकता है।