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राज्यसभा में एलपीजी संकट पर हंगामा, टीएमसी सांसदों का वॉकआउट

राज्यसभा में सोमवार को एलपीजी संकट को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने समय पर उचित कदम नहीं उठाए। भाजपा सांसदों ने खड़गे की बातों का विरोध किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने वॉकआउट किया। लोकसभा में प्रश्नकाल बिना हंगामे के पूरा हुआ और रंजन गोगोई को विदाई दी गई। जानें इस मुद्दे पर और क्या हुआ।
 

सरकार को पहले से जानकारी थी, खड़गे का आरोप


नई दिल्ली: सोमवार को राज्यसभा में एलपीजी संकट को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में यह दावा किया था कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार समय पर उचित कदम उठाती, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।


भाजपा सांसदों ने खड़गे को जवाब दिया

भाजपा सांसद जेपी नड्डा ने खड़गे की बातों का विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस आपदा के समय भी राजनीति कर रही है। इसके बावजूद खड़गे ने अपनी बात जारी रखी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस नेता जवाब सुनने में रुचि नहीं रखते। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा से वॉकआउट किया, जिसका कारण चुनाव आयोग के बंगाल के अधिकारियों को हटाने का निर्णय था।


लोकसभा में प्रश्नकाल बिना हंगामे के

लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही कुछ विपक्षी सांसदों ने अपने मुद्दे उठाने की मांग की। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि उन्हें दोपहर 12 बजे प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद बोलने का अवसर मिलेगा।


रंजन गोगोई को विदाई

प्रश्नकाल के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने सांसदों के सवालों के जवाब दिए। राज्यसभा में रंजन गोगोई को उनके कार्यकाल के समाप्त होने पर विदाई दी गई।


एलपीजी संकट पर सरकार की जिम्मेदारी

आप सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में विनियोग विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान एलपीजी की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न संकट की जानकारी थी, लेकिन सरकार ने ईरान के साथ संबंधों को मजबूत नहीं किया। इसके परिणामस्वरूप देश में एलपीजी सिलेंडरों की कमी और ईंधन संकट का डर उत्पन्न हो गया है।