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राज्यसभा में हंगामा: खरगे और रिजिजू के बीच तीखी बहस

राज्यसभा में गुरुवार को मल्लिकार्जुन खरगे और किरेन रिजिजू के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान खरगे ने सरकार पर विपक्ष के सदस्यों का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल देशहित से जुड़े मुद्दों को उठाता है। इस हंगामे के बीच, खरगे ने गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग की। जानें इस घटनाक्रम के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 

राज्यसभा में हंगामे का माहौल


नई दिल्ली: गुरुवार को राज्यसभा में एक बार फिर से जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच तीखी नोकझोंक हुई। यह विवाद संसदीय नियमों और विपक्षी सांसदों पर की गई टिप्पणियों को लेकर शुरू हुआ। खरगे ने रिजिजू की बातों का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें कोई नियम सिखाने की आवश्यकता नहीं है। सदन में शोर-शराबे के बीच दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पूरे सत्र में तनाव बना रहा।


खरगे और रिजिजू के बीच तीखी बहस

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की टिप्पणी का जवाब दिया। रिजिजू ने कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा पर टिप्पणी की थी। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के सदस्यों का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि आप हमारे सदस्य का अपमान कर रहे हैं, जैसे सब कुछ आप ही जानते हों। खरगे ने स्पष्ट किया कि विपक्ष केवल देश और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठा रहा है। उनकी पार्टी के सवाल देशहित से जुड़े हैं।


पवन खेड़ा पर की गई टिप्पणी

रिजिजू ने कहा था कि पवन खेड़ा को पहले संसदीय नियम सीखने चाहिए। खरगे ने इसका जवाब देते हुए कहा कि सरकार विपक्ष के सदस्यों का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा पढ़े-लिखे और अच्छे व्यक्ति हैं, उनके बारे में ऐसी टिप्पणी उचित नहीं है।


खरगे का जवाब

खरगे ने रिजिजू की टिप्पणी का करारा जवाब देते हुए कहा, “क्या अब मुझे रिजिजू से नियम सीखने पड़ेंगे? नियम मैं भी जानता हूं। आप लोग भी सभापति के कक्ष में जाकर नियमों का हवाला देते हैं। अगर मैं यहां अपना विषय पढ़कर नहीं बोलूंगा तो क्या करूंगा? क्या मैं आपकी ओर से दिया गया विषय पढ़ूंगा? यह मेरा अधिकार है कि मैं क्या बोलूं, कब बोलूं और कैसे बोलूं।”


गृह मंत्री से बयान की मांग

खरगे ने सरकार से मांग की कि गृह मंत्री सदन में आकर बयान दें। उन्होंने कहा कि संबंधित मंत्री बयान दें, उसके बाद विपक्ष पूरी चर्चा के लिए तैयार है। खरगे के वक्तव्य के दौरान सदन में शोर-शराबा जारी रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के मुद्दों का जवाब देने के बजाय उनसे बचने की कोशिश कर रही है।


खरगे के वक्तव्य के दौरान सदन में शोर-शराबा जारी रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। खरगे ने कहा कि सदन की कार्यवाही से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना विपक्ष का अधिकार है। सरकार जब भी जनता के सवालों से बचती है तो यह ठीक नहीं है।