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राज्यों ने पीएम मोदी की अपील पर ईंधन बचाने के लिए उठाए कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद, कई राज्यों ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सरकारों ने सरकारी काफिलों की संख्या कम करने, विदेश यात्राओं पर रोक लगाने और वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने जैसे उपाय किए हैं। जानें इन राज्यों ने क्या-क्या कदम उठाए हैं और प्रधानमंत्री की अपील का क्या असर हो रहा है।
 

राज्यों में सख्ती का दौर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन की बचत और अनावश्यक खर्चों को कम करने की अपील के बाद, विभिन्न राज्यों की सरकारों ने मंगलवार को सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इन उपायों में सरकारी काफिलों की संख्या को कम करना, विदेश यात्रा पर रोक लगाना और वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देना शामिल है.


उत्तर प्रदेश सरकार की पहल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों और अधिकारियों के काफिलों में वाहनों की संख्या को 50 प्रतिशत तक घटाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, विभागों को वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ाने और वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया है.


दिल्ली सरकार के निर्णय

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि वे और उनके सभी कैबिनेट सहयोगी आवश्यकतानुसार कम वाहनों का उपयोग करेंगे। उन्होंने कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने का भी उल्लेख किया। दिल्ली के मंत्री, अशीष सूद, मेट्रो से यात्रा करते हुए कोर्ट गए.


मध्य प्रदेश सरकार की कार्रवाई

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजनीतिक वाहन रैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है और अपने काफिले की संख्या को 13 से घटाकर 8 कर दिया है.


महाराष्ट्र में उठाए गए कदम

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने मंत्रियों को निर्देश दिया है कि सरकारी विमानों का उपयोग केवल आवश्यक सरकारी कार्यों के लिए किया जाए, जिसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री की अनुमति लेनी होगी। कई मंत्री अब यात्रा कम कर रहे हैं और मीटिंग्स ऑनलाइन आयोजित कर रहे हैं.


प्रधानमंत्री मोदी की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से आग्रह किया था कि वे इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करें, माल ढुलाई के लिए रेलवे का सहारा लें और कोविड के दौरान अपनाए गए वर्क फ्रॉम होम को फिर से शुरू करें.


केंद्र सरकार का कोई निर्देश नहीं

वर्तमान में केंद्र सरकार की ओर से कोई औपचारिक नीति नहीं आई है, इसलिए राज्य अपने स्तर पर कदम उठा रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस अपील पर भाजपा की आलोचना की है.