राम मंदिर चंदा घोटाले की जांच में बड़ी कार्रवाई की तैयारी
राम मंदिर चंदा घोटाले की जांच का अपडेट
राम मंदिर चंदा घोटाला: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ाए गए चंदे से संबंधित अनियमितताओं की प्रारंभिक जांच एसआईटी द्वारा पूरी कर ली गई है। यह रिपोर्ट अब शासन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के कई उच्च पदाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिससे जांच का दायरा लखनऊ से दिल्ली तक फैल गया है।
जांच में न केवल गणनाकर्मी बल्कि ट्रस्ट के लगभग तीस सदस्यों की संलिप्तता भी सामने आई है। प्रारंभिक पूछताछ में कई सवालों के संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने के कारण टिन्नू यादव, लवकुश और अनुकल्प जैसे व्यक्तियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इन व्यक्तियों के पास से नकदी बरामद होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। एसआईटी ने इनसे 20 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की है।
सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर चंपत राय के करीबी माने जाने वाले टिन्नू यादव, लवकुश और अनुकल्प सहित पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की संभावना है। इसके अलावा कई अज्ञात आरोपियों को भी शामिल किया जा सकता है। विवेचना में बड़े नाम जोड़े जाने की योजना है। हालांकि, अंतिम निर्णय एसआईटी की रिपोर्ट और शासन स्तर पर समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देशों का भी इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था।
संभावित कार्रवाई की रूपरेखा
सूत्रों के अनुसार, एक-दो दिन के भीतर कार्रवाई शुरू हो सकती है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। यह मामला संवेदनशील होने के कारण, इसमें अत्यधिक सावधानी बरती जा रही है और उच्च स्तर पर मंथन जारी है।
गोपनीय रिपोर्ट पीएमओ को भेजी गई
जब से यह मामला सुर्खियों में आया है, तब से पीएमओ की नजर इस पर बनी हुई है। पीएमओ के कई अधिकारी स्वयं मंदिर जाकर जांच कर चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों ने एक गोपनीय रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें ट्रस्ट के पदाधिकारियों की लापरवाही और कुछ की संदिग्ध भूमिका का उल्लेख किया गया है।
चोरी और लापरवाही के सबूत
एसआईटी रिपोर्ट में चढ़ावे की चोरी से संबंधित कई सबूत जुटाए गए हैं। गवाहों के बयान भी महत्वपूर्ण हैं। सूत्रों के अनुसार, कई पदाधिकारियों की संलिप्तता की आशंका जताई गई है। इसके अलावा, पूरी व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों की भूमिका को भी विस्तृत रूप से दर्ज किया गया है। एसआईटी रिपोर्ट के बाद सीएम को ब्रीफ किया जाएगा, और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
नियमों की अनदेखी, मुसीबत में पदाधिकारी
मंदिर प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी। जिम्मेदार बेखबर रहे और अनियमितताएँ होती रहीं। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। जो गाइडलाइन थी, उसका पालन नहीं किया गया, जो ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के लिए मुसीबत बन सकता है।
40 गणनाकर्मी हटाए गए, नए नियुक्त किए गए
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में गणना में लगे लगभग 40 कर्मचारियों को हटा दिया गया है। अब बैंक की ओर से नए गणनाकर्मियों को नियुक्त किया गया है। निगरानी भी बढ़ा दी गई है। एसआईटी ने मंदिर ट्रस्ट और अधिकारियों को अयोध्या नहीं छोड़ने का निर्देश भी दिया है। सोमवार को एसआईटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को डेढ़ सौ से अधिक पन्नों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपने की योजना बनाई है। इसके बाद मामले में कार्रवाई शुरू होगी।