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राम मंदिर चंदा चोरी मामले में गोविंद देव गिरी का बयान और पुलिस की कार्रवाई

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है, जिसमें उन्होंने चोरी की घटना पर दुख और शर्म का इजहार किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ट्रस्ट से कोई धन नहीं लिया। इस बीच, पुलिस ने पांच आरोपियों से पूछताछ की, जिससे चोरी के पैसे से खरीदी गई संपत्तियों की जानकारी मिली। मामले की जांच जारी है, और पुलिस ने आरोपियों की कस्टडी लेने की योजना बनाई है।
 

गोविंद देव गिरी का बयान

अयोध्या : राम मंदिर से जुड़ी चंदा चोरी की घटना पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने एक पत्र जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि इस चोरी की घटना ने उन्हें गहरा आघात पहुँचाया है और वह इस पर शर्मिंदा हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने प्रवास के लिए ट्रस्ट से एक भी रुपया नहीं लिया। गोविंद देव गिरी ने बताया कि उनके खर्च सीधे बैंक के माध्यम से किए जाते थे और वह कथा के लिए बाहर रहते थे। उनका निवास पुणे में है और वह अयोध्या महीने में केवल एक या डेढ़ बार आते थे।


पुलिस की पूछताछ

चंदा चोरी के आरोपियों से पूछताछ

इस बीच, राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों - अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, करुणेश पांडे और मनीष यादव से लगभग पांच घंटे तक पूछताछ की। इन आरोपियों से पुलिस को चोरी के पैसे से खरीदी गई कई संपत्तियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। आज की पूछताछ के बाद पुलिस इन संपत्तियों की जांच करेगी।

मामले की जांच कर रहे अयोध्या के सीओ आशुतोष तिवारी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष जज रजत वर्मा की अदालत में पूछताछ की अर्जी भी दाखिल की थी। इससे पहले पुलिस ने जेल में अविनाश से भी पूछताछ की थी और उसकी पुलिस कस्टडी भी ली थी। यदि आवश्यक हुआ, तो आज की पूछताछ के बाद इन आरोपियों को एक-एक करके फिर से पुलिस कस्टडी में लिया जा सकता है।