राम मंदिर चंदा मामले में पुलिस की छापेमारी, आठ आरोपी हिरासत में
पुलिस ने की छापेमारी
राम मंदिर चंदा मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के निवास स्थानों पर पुलिस ने एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई रविवार को हुई, जो गिरफ्तारी के दो दिन बाद अयोध्या में चर्चा का विषय बनी। सभी आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं और सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। इससे पहले, पुलिस ने समन्वित तरीके से छापेमारी की योजना बनाई। इसके अलावा, पुलिस अन्य जिलों में भी आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी कर रही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने पहले आरोपियों के पते की पुष्टि की और फिर उनके आवासों की तलाशी ली। यह कार्रवाई स्थानीय मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में की गई। पुलिस ने लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला और रामाशंकर यादव सहित सभी आठ आरोपियों के ठिकानों की गहन जांच की। एक अधिकारी ने बताया कि यह छापेमारी सबूत इकट्ठा करने के उद्देश्य से की गई थी।
सोमवार को अदालत में पेशी
पुलिस की टीम सबसे पहले चंपत राय के ड्राइवर रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव के घर पहुंची। इसके बाद अन्य आरोपियों जैसे अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, राम शंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। ये सभी लोग राम मंदिर में चंदा की गिनती से जुड़े हुए थे।
सभी आरोपी 29 जून तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे और सोमवार को अदालत में पेश किए जाएंगे। माना जा रहा है कि पुलिस इससे पहले सबूत इकट्ठा करना चाहती है। पेशी के दौरान रिमांड की मांग भी की जा सकती है।
चंपत राय का इस्तीफा
चंदा मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया था, जिसके सुझाव पर आठ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इस बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस ने बताया कि अब तक सात आरोपियों के पास से 79.85 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव के हॉस्टल से 20 लाख रुपये की नकदी भी जब्त की है।