राम मंदिर चंदा विवाद: गोविंदानंद सरस्वती ने अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाए गंभीर आरोप
राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी की जांच जारी
राम मंदिर के चंदे से संबंधित गड़बड़ी के मामले में जांच प्रक्रिया चल रही है। इस बीच, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने आरोप लगाया है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के बावजूद, अविमुक्तेश्वरानंद ने 1000 गांवों से राम मंदिर के नाम पर सोना, चांदी और धन इकट्ठा किया। उन्होंने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को एक पत्र लिखकर इस मामले की भी जांच करने की मांग की है। गोविंदानंद सरस्वती ने पहले भी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बयान दिए हैं और उन्हें धोखेबाज बताया है।
स्वरूपानंद सरस्वती के नाम पर बदनामी का आरोप
स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य गोविंदानंद सरस्वती ने आरोप लगाया है कि अविमुक्तेश्वरानंद ने स्वरूपानंद के नाम का इस्तेमाल कर उन्हें बदनाम किया। उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब 2020 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन हो गया, तो अविमुक्तेश्वरानंद राम मंदिर के नाम पर धन कैसे इकट्ठा कर सकते हैं? इसके अलावा, उन्होंने यह भी पूछा कि स्वरूपानंद सरस्वती के जीवित रहने के दौरान और बाद में जो धन इकट्ठा हुआ, वह कहां गया?
गोविंदानंद सरस्वती के आरोप
राम मंदिर चंदा विवाद पर गोविंदानंद सरस्वती ने कहा, 'कुछ लोग अयोध्या रामजन्मभूमि को नुकसान पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राम मंदिर का ट्रस्ट बना, लेकिन अब चंदे में चोरी की खबरें आ रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यदि किसी के पास सबूत हैं, तो वह जानकारी दे सकता है।'
उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद को घेरते हुए कहा, 'हम सभी राम भक्तों, प्रधानमंत्री, माननीय मुख्यमंत्री और SIT के सदस्यों को संबोधित कर रहे हैं। यह चोरी तब से शुरू हुई जब ट्रस्ट का गठन हुआ, लेकिन तब यह सामने नहीं आई।'
अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोप
गोविंदानंद सरस्वती ने कहा, 'अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती नाम के एक फर्जी बाबा देश में घूम रहे हैं। हमारे गुरुदेव ने रामजन्मभूमि के बारे में पक्ष रखा था और हम उनके पास रहते थे। अविमुक्तेश्वरानंद ने सबूत चुराए और लोगों को गुमराह किया।'
उन्होंने यह भी कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद ने गुरुजी के नाम पर छल करके अपना नाम आगे बढ़ाया। उनके अनुसार, राम मंदिर के लिए धन संग्रह का अभियान शुरू किया गया था, लेकिन अब तक वह धन कहां गया?
चंदे की जांच की मांग
गोविंदानंद सरस्वती ने कहा, '2022 में हमारे गुरुदेव का निधन हो गया। बहुत से लोगों ने राम मंदिर के नाम पर धन इकट्ठा किया था, लेकिन ट्रस्ट बनने के बाद ये लोग गायब हो गए। अविमुक्तेश्वरानंद ने धन को श्रीविद्यामठ में रखा है। हमने इस पर चिट्ठी लिखी है।'
उन्होंने SIT से मांग की कि अविमुक्तेश्वरानंद की भी जांच की जाए। उनका कहना है कि उन्होंने इस बारे में कई मुख्यमंत्रियों और ट्रस्ट के सदस्यों को पहले भी लिखा है।
गोविंदानंद सरस्वती का परिचय
स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ज्योतिर्मठ ट्रस्ट से जुड़े हैं और स्वामी स्वरूपानंद के शिष्य हैं। वह लंबे समय से अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बयान देते आ रहे हैं और उन्हें फर्जी बताते रहे हैं। अगस्त 2024 में अविमुक्तेश्वरानंद ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया था।