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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट में बढ़ी कलह, कार्रवाई की तैयारी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में ट्रस्ट के भीतर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। महंत दिनेंद्र दास ने गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बीच, सरकार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बना रही है। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण की पहचान कर ली है और कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। जांच एजेंसियां भी मामले की तह तक पहुंचने के लिए सक्रिय हैं। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और आगे की संभावित कार्रवाई के बारे में।
 

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में अब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास महाराज ने पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव पर सीधा हमला करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी गोपाल राव की है और वे राजनीति कर रहे हैं।


महंत दिनेंद्र दास ने कहा, “सभी गलतियों के लिए गोपाल राव जिम्मेदार हैं। वे लोगों को उलझाते हैं और राम की परंपरा का पालन नहीं करते।” गोपाल राव, जो राम मंदिर निर्माण के प्रभारी रहे हैं, कर्नाटक के निवासी हैं।


इस बीच, सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा चोरी के आरोपियों के खिलाफ सरकार कठोर कार्रवाई करने की योजना बना रही है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने उन भवनों की पहचान कर ली है, जो बिना स्वीकृत नक्शे के बनाए गए हैं या जिनमें नियमों का उल्लंघन हुआ है। ऐसे भवनों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी की जा रही है।


जानकारी के अनुसार, आरोपी लवकुश मिश्रा का शहादतगंज में बन रहा मकान और अनुकल्प मिश्रा का कौशल पुरी स्थित मकान प्रशासन के रडार पर हैं। दोनों आरोपियों ने मंदिर में नौकरी मिलने के बाद ये मकान बनवाए थे। ADA आज ही दोनों को नोटिस जारी कर सकता है।


वहीं, जांच एजेंसियां मामले की गहराई में जाने के लिए प्रयासरत हैं। पुलिस ने 30 जून को अयोध्या जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ की थी और अब आगे की जांच जारी है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से रविवार को लगभग तीन घंटे पूछताछ की गई थी। उनके बयानों का मिलान करने के लिए ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से भी पूछताछ की जा सकती है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा की नियुक्ति में उनकी क्या भूमिका थी।


यह ध्यान देने योग्य है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को उजागर हुआ था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। 25 जून को एफआईआर दर्ज होने के बाद रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उसी दिन ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।