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राम मंदिर चढ़ावे चोरी मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे चोरी के मामले में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी की है। जांच में मिले सबूतों के आधार पर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने विशेष जांच दल (SIT) को मामले की गहनता से जांच करने के लिए समय सीमा बढ़ा दी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे चोरी की जांच


अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपियों के खिलाफ सरकार ने कठोर कदम उठाने की योजना बनाई है। पुलिस अब गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है, जो कि जांच और कार्रवाई के आधार पर किया जाएगा। छापेमारी और पूछताछ में मिले सबूत गैंगस्टर एक्ट के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में विधिक सलाह ली जा रही है।


राम मंदिर चढ़ावे चोरी की घटना की जानकारी मिलने पर मंदिर ट्रस्ट ने पहले अपने स्तर पर जांच की। इसके बाद पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की गई और कुछ नगद बरामद किए गए। जब मामला उजागर हुआ और दबाव बढ़ा, तो राज्य सरकार ने एसआईटी जांच की सिफारिश की। एसआईटी ने लगभग एक सप्ताह तक जांच की और चोरी के सबूत मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया। शासन ने तुरंत संज्ञान लिया और ट्रस्ट पर एफआईआर का दबाव बढ़ा। एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन ने आठ नामजद और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने चंपत राय के करीबी सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, उसके रिश्तेदार मनीष यादव, और अन्य को गिरफ्तार किया।


गैंगस्टर एक्ट लगाने के लिए पर्याप्त आधार होने के कारण पुलिस ने इन सभी से लंबी पूछताछ की। इनके घरों में छापेमारी कर आभूषण और लाखों की नगदी बरामद की गई। अब फिर से इनकी संपत्तियों की तलाशी ली जा रही है। रामजन्मभूमि पुलिस के अलावा क्षेत्रीय पुलिस भी जांच में शामिल है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट लगाने के लिए पर्याप्त आधार हैं। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों के समूह ने एक साजिश के तहत चढ़ावे की चोरी की। इस आधार पर पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की योजना बना रही है ताकि आरोपियों को बचने का मौका न मिले।


एसआईटी जांच की समयसीमा बढ़ी


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में चढ़ावे की रकम में हेराफेरी की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) की समयसीमा को 15 जुलाई तक बढ़ा दिया है। एसआईटी ने मामले के विभिन्न पहलुओं की गहनता से छानबीन करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने एसआईटी को 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।